Chitravathi River Ganpati Immersing: ये कैसा गणपति विसर्जन?.. सूखी नदी में प्रतिमाओं को छोड़कर जा रहे हैं श्रद्धालु, वीडियो देखकर रह जायेंगे हैरान

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आंध्र प्रदेश के पुट्टलुरु में सूखी चितरावती नदी के कारण गणेश प्रतिमाओं का पारंपरिक विसर्जन नहीं हो सका। श्रद्धालुओं ने सूखे नदी तल पर प्रतिमाएं रखीं, जिससे जल संकट और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा बढ़ गई।

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  • Publish Date - September 20, 2026 / 06:27 PM IST,
    Updated On - September 20, 2026 / 06:49 PM IST

Chitravathi Drought River Ganpati Immersing || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • सूखी चितरावती नदी में नहीं हुआ विसर्जन
  • सूखे नदी तल पर रखीं गणेश प्रतिमाएं
  • पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं पर बढ़ा जोर

Chitravathi Drought River Ganpati Immersing: अमरावती: गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से उनका विसर्जन करते हैं। लेकिन आंध्र प्रदेश के पुट्टलुरु में इस बार लोगों के सामने ऐसी विकत स्थिति आई जिसने हर आम और खास को बदलते पर्यावरण और बढ़ते संकट पर सोचने को मजबूर कर दिया है।

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सूखी नदी में बिना पानी कैसे हो विसर्जन?

रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय से जारी सूखे के कारण कभी पानी से भरी रहने वाली पवित्र चितरावती नदी पूरी तरह सूख गई है। नदी में पानी नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को गणेश प्रतिमाओं का पारंपरिक तरीके से विसर्जन करने में परेशानी हुई। इसके बाद लोगों ने सूखे नदी तल पर ही गणेश प्रतिमाएं रख दीं।

सूखी नदी ने बढ़ाई चिंता

Chitravathi Drought River Ganpati Immersing: गणेश विसर्जन के दौरान नदी और तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जित करना धार्मिक परंपरा का हिस्सा रहा है। लेकिन चितरावती नदी के सूखने की तस्वीर ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बदलते पर्यावरण और जल संकट के बीच आने वाले समय में त्योहारों को किस तरह मनाया जाए। जलवायु परिवर्तन और इसके लिए जिम्मेदार कारणों को लेकर लोगों की राय अलग-अलग मत हो सकती हैं। लेकिन आने वाले दिनों में यह समस्या और भी बढ़ेगी, इसमें कोई दो राय नहीं है।

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Q1. चितरावती नदी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन क्यों नहीं हुआ?

Ans: लंबे समय से जारी सूखे के कारण नदी में पर्याप्त पानी नहीं था।

Q2. गणेश प्रतिमाओं के लिए कौन से विकल्प सुझाए गए हैं?

Ans: शाडू मिट्टी, लाल मिट्टी, पेपर मेशे और बीज वाली प्रतिमाएं विकल्प हैं।

Q3. सूखी चितरावती नदी की घटना क्या संदेश देती है?

Ans: यह जल संकट और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता की जरूरत बताती है।