… कुशान सरकार …
नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली के लिए एक टी20 मैच खेलने वाले युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी के साथ हाल में दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) के दौरान कथित तौर पर ‘भ्रष्टाचार संबंधी पेशकश’ की गई। बेदी ने तुरंत इसकी जानकारी लीग की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) को दी। तेइस वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बेदी 2026 में आयोजित डीपीएल में सेंट्रल दिल्ली टीम का हिस्सा थे। वह 2025 में इंडियन प्रीमियर लीग टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी रहे थे, लेकिन चोट के कारण बाद में उनकी जगह उर्विल पटेल को टीम में शामिल किया गया था। ‘तहलका’ के एक स्टिंग ऑपरेशन में नगालैंड के तेज गेंदबाज रचित भाटिया को आईपीएल और राज्य स्तरीय लीग में मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग तथा बच्चों को आयु वर्ग की टीम में शामिल कराने के लिए उनके माता-पिता से पैसे लेने संबंधी दावे करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद यह सामने आया कि डीपीएल के दौरान बेदी से भी कथित तौर पर संपर्क किया गया था। उन्होंने हालांकि एसीयू के तय नियमों का पालन करते हुए इसकी जानकारी तत्काल अधिकारियों को दे दी। डीडीसीए के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर ‘‘डीपीएल के दौरान मैच फिक्सिंग से संबंधित केवल एक भ्रष्ट पेशकश की जानकारी एसीयू को दी गई थी। सेंट्रल दिल्ली के वंश बेदी से एक ‘सट्टेबाज’ ने संपर्क किया था। बेदी ने तुरंत इसकी जानकारी एसीयू को दे दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘डीडीसीए ने बीसीसीआई को भी आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी है और उससे सलाह मांगी है। शिकायत वंश बेदी ने दर्ज कराई है। एसीयू के पास इसके अलावा कोई अन्य आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं है।’’ डीडीसीए शीर्ष परिषद के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम शर्मा ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहेंगे कि कोई भी दोषी व्यक्ति सजा से बच जाए। युवा खिलाड़ियों को भ्रष्ट करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ डीडीसीए ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने आधिकारिक बयान में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन हालिया आरोपों का संज्ञान लेने की पुष्टि की। डीडीसीए ने बयान में कहा, ‘‘दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) से जुड़े कुछ खिलाड़ियों और एक फ्रेंचाइजी को लेकर हाल में सामने आई कथित अनियमितताओं संबंधी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है।’’ बयान में आगे कहा गया, ‘‘डीडीसीए स्पष्ट करना चाहता है कि इन रिपोर्टों में किए गए आरोप अपुष्ट हैं और किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभी तक प्रमाणित नहीं किए गए हैं। संघ का मानना है कि केवल ऐसे आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति, खिलाड़ी या फ्रेंचाइजी के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।’’ डीडीसीए ने यह भी पुष्टि की कि उसने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। संघ ने कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीसीए ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर उसके संज्ञान में आई जानकारी साझा की है और उचित स्थापित प्रक्रियाओं के तहत मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।’’ डीडीसीए ने कहा, ‘‘हम क्रिकेट की साख से समझौता करने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति ‘किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ अपनाते है और सक्षम अधिकारियों द्वारा की जाने वाली किसी भी जांच में पूरा सहयोग करेंगे।’’ संघ ने कहा कि अगर कार्रवाई जरूरी हुई तो संबंधित अधिकारियों के निष्कर्षों तथा तय नियमों के अनुसार ही की जाएगी। डीडीसीए ने यह भी दोहराया कि आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है तथा मामले में उचित प्रक्रिया को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। डीडीसीए ने कहा कि वह दिल्ली में क्रिकेट की अखंडता, विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भाषा आनन्द नमितानमिता