जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से अच्छी खबर सामने आई है। मेडिकल कॉलेज ने दावा किया कि पेट के कीड़ों की दवा कोरोना को खत्म करने में कारगर साबित हो रही है।
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डॉक्टर्स का कहना है यह दवा माइल्ड कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए ज्यादा कारगर साबित हो रही है क्योंकि शुरुआती दौर में अगर यह दवा दी जाती है तो मरीज जल्दी रिकवर करता है और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है। अति गंभीर मरीजों पर दवा का असर कम दिखाई दे रहा है।
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कोरोना आइसोलेशन अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर संजय भारती का कहना है कि शुरुआत में हमने कुछ पॉजिटिव मरीजों को आइवरमेक्टिन दवा का डोज देना शुरू किया। ये वही दवा है जो बच्चों को अक्सर पेट के कृमि मारने के लिए दी जाती है।
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उन्होंने कहा कि इस दवा ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर गजब का असर किया और मरीज 5 से 6 दिन में ही कोरोना नेगेटिव हो गया। अच्छे परिणाम देखते हुए सभी संक्रमितों को ये दवा दी जा रही है। अब तक 150 मरीज ठीक हो चुके हैं।