अखिलेश ने कोरोना टीके की प्रभावशीलता और सुरक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई

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अखिलेश ने कोरोना टीके की प्रभावशीलता और सुरक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई

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  • Publish Date - June 3, 2021 / 06:23 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:26 PM IST

लखनऊ, तीन जून (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोरोना वायरस रोधी विभिन्न टीकों की प्रभावशीलता और सुरक्षा के बारे में जानकारी (आंकड़ों) को सार्वजनिक रूप से साझा करने की मांग दोहराई।

अखिलेश ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘जैसा कि अनेक देशों ने दिखाया है कि टीके संबंधी आंकड़ों को साझा करके जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।’

उन्होंने इसी ट्वीट में ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की खबर टैग करते हुए कहा, ‘ब्रिटेन के फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम भारतीयों की सेहत और उनकी सुरक्षा के मुकाबले अपनी राजनीतिक आवश्यकताओं को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।’

अखिलेश ने कल भी कहा था कि सरकार विभिन्न टीकों की प्रभावशीलता और सुरक्षा के बारे में आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से साझा क्यों नहीं कर रही है? पारदर्शी व्यवस्था से स्वास्थ्य देखभाल में लगे कर्मचारियों को टीकों को चुनने में सहूलियत होगी और भारतीय नागरिकों के संक्रमण की चपेट में आने पर भी इससे काफी मदद मिलेगी।

सपा अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को ही एक अन्य ट्वीट में कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस के इलाज की मद में जनता द्वारा खर्च किए गए धन की भरपाई के आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए।

अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, ‘उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने बड़े जोर-शोर से प्रचारित किया था कि वह कोरोना के निजी इलाज का खर्चा देगी। अब भाजपा सरकार बताए कि अभी तक जनता के कितने बिलों का भुगतान किया है। भाजपा सरकार जनता के सामने आँकड़े रखे।’

इसी ट्वीट में ‘ब्लैक फंगस’ के मुफ्त इलाज की भी मांग करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार इस बारे में भी तत्काल घोषणा करे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत 25 अप्रैल को कहा था कि सरकारी अस्पतालों में बेड उपलब्ध न होने पर मरीज को निजी अस्पताल में रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीज अगर निजी अस्पताल में भुगतान के आधार पर उपचार कराने में सक्षम नहीं होगा, तो राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत अनुमन्य दर पर वहां उसके इलाज का भुगतान करेगी।

भाषा सलीम मनीषा मानसी

मानसी