लकवे की शिकार मां को घर में बंद कर नए घर जा पहुंचा कलियुगी बेटा

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लकवे की शिकार मां को घर में बंद कर नए घर जा पहुंचा कलियुगी बेटा

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  • Publish Date - January 22, 2018 / 11:36 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 09:00 PM IST

रायपुर- सवेदनहीनता का साक्षात् उदहारण आज देखने मिला राजधानी रायपुर के एक परिवार में जहां तीन बेटों ने मिलकर अपनी माँ के साथ ऐसा व्यवहार किया जिसे सुनकर आप भी उन्हें कोसेंगे। हुआ ये की राजधानी रायपुर में रहने वाले तीन भाई अपने परिवार के साथ एक ही छत के नीचे रहते थे। जहां उनकी बूढी माँ भी थी जो पैरालिटिक पेसेंट है। 

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 इन तीनों  कलयुगी बेटों ने कुछ दिन पहले ही अपना नया घर बनवाया था उन्होंने धीरे धीरे उसमे अपना सामान शिफ्ट कर लिया और कुछ दिन पहले खाली घर में बूढी माँ को अकेले छोड़कर दरवाज बंद कर नए घर में चले गए।  पैरालिसिस की बीमारी से पीड़ित माँ कई दिनों तक पुराने मकान मारुति हाईट्स में कैद होकर रह गई.

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आस पड़ौस वालों को जब इस बात की भनक लगी तो उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं ममता शर्मा को इसकी जानकारी दी.जब पुलिस के साथ सामाजिक   कार्यकर्त्ता  पुराने मकान पहुंचे तो उन्होंने देखा की बूढी माँ अकेली भूखी प्यासी पड़ी हुई थी। सामाजिक कार्यकर्त्ता ममता शर्मा ने भूख से तड़पती मकान में कैद माँ को भोजन कराया और बेटों को तत्काल वहां बुलाया जिस पर उनके बेटों ने गलती स्वीकार की और माँ को नए मकान में ले जाने की बात कही. बेटों से थाने में बांड भी भरवाया गया है कि वे दोबारा इस तरह माँ के साथ व्यवहार नहीं करेंगे। 

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वही माँ की ममता इसके बावजूद देखने लायक थी. माँ ने किसी भी बेटे के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की. माँ ने बेटों के साथ ही रहने की इच्छा जाहिर की. मामले की संवेदना को समझते हुए फिलहाल सरस्वती नगर थाना पुलिस ने सीनियर सिटीजन सेल को इस बात की सूचना दे दी गई है. प्रशिक्षु डीएसपी विक्रांत राही ने बताया कि इस मामले पर माँ द्वारा किसी तरह की कोई शिकायत नहीं आने पर कोई धारा कायम नहीं हुआ है मगर समय-समय पर सीनियर सिटीजन सेल पीड़ित माँ से मिलकर हालचाल जानते रहेंगे. 

वेब टीम IBC24