IAS-IPS के नाम पर लोगों से ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, 11 VIP सिम और सैकड़ों चेक बुक बरामद

Ads

IAS-IPS के नाम पर लोगों से ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, 11 VIP सिम और सैकड़ों चेक बुक बरामद

  •  
  • Publish Date - August 17, 2020 / 11:21 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:08 PM IST

उज्जैन। एसटीएफ ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है जिसका ठगी करने का अंदाज बिल्कुल अलग था। आरोपी युवक IPS और IAS अधिकारी के नाम पर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाता था। आरोपी ने ट्रू कॉलर एप की प्रोफाइल में स्वयं के कई नंबरों को आईपीएस विपिन माहेश्वरी और अन्य प्रभावी नामों से सेव कर रखा था। आरोपी ज्योतिर्मय विजयवर्गीय इंदौर का बताया जा रहा है।

ये भी पढ़ें: अज्ञात वाहन ने बाइक सवार सब इंस्पेक्टर को रौंदा, दर्दनाक मौत, एक अन्य SI घायल

ताजा घटनाक्रम में आरोपी ने इंदौर से भोपाल जाते समय टोल टैक्स पर स्वयं को आईपीएस अधिकारी बताते हुए जितेंद्र कुमार जाट को फोन लगाकर बिना टैक्स दिए पास करने को कहा और वहां पहुंचकर रौब दिखाते हुए 3-4 परिचितों को टोल पर नौकरी लगवाने की बात कही। शिकायत पर उज्जैन पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए आरोपी ज्योतिर्मय विजयवर्गीय को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ इंदौर, भोपाल सहित कई थानों में अपराध पंजीबद्ध होना पाया गया है। साथ ही लगभग 11 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए है।

ये भी पढ़ें: कंटेनर ने गायों को रौंदा, 7 की मौत, 3 घायल

सभी फोन के नंबर के आखिरी के 3- 4 डिजिट सेम पाई गई हैं जिससे लोगों को वीआईपी नंबर होने का आभास होता था, आरोपी ने सभी नंबर ट्रू कॉलर पर अलग-अलग लोगों के नाम से सेव किये थे। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

ये भी पढ़ें: जिला कोर्ट अगले 7 दिन के लिए बंद, 8 कर्मचारी पाए गए कोरोना संक्रमित

गिरफ्तार करके जब इसके घर की तलाशी ली गई तो 100 से अधिक चेकबुक मिली हैं, कई सारे उसके बैंक खाते हैं, इसके घर में जो नौकरानी काम करती थी, उसके नाम से और कई अन्य व्यक्तियों के नाम से खाते खुलवा रखे हैं, बहुत सारी सिम इसके पास से मिली हैं, कुल 7 सिम तो यूज़ कर रहा है, इसके अलावा 4 सिम और हैं जो पता लगी हैं, टोटल 11 मोबाइल फोन इसके पास से मिले हैं। आरोपी के पास से फॉर्च्यूनर कार भी पायी गई है।

ये भी पढ़ें: नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप, गांव के ही 3 दरिंदों ने दिया वारदात क…

उज्जैन में इंगोरिया थाने में एक बैंक ने इसके खिलाफ फर्जीवाड़े का प्रकरण पंजीबद्ध कराया था, इंदौर के लसूड़िया थाने में भी प्रकरण पंजीबद्ध है, मुंबई में भी इसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध है क्योंकि सभी इसके नंबर हैं वो इस तरह की सीरीज के है जिनके लास्ट के 3 या 4 डिजिट सेम हैं तो लोगों को लगता है कि वीआईपी नंबर है। यह सभी नंबर अलग-अलग नाम से सेव हैं इसमें पुलिस अधिकारी भी है, नेता भी हैं।