Jio IPO Launch Date: मुकेश अंबानी का मेगा प्लान! देश का सबसे बड़ा Jio IPO लाने की तैयारी तेज, इस तारीख को खत्म हो सकता है करोड़ों निवेशकों का इंतजार
Jio IPO Launch Date: मुकेश अंबानी कि अगुवाई वाली रिलायंस इंटस्ट्रीज जल्द ही रिलायंस जियो का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। खबरों के मुताबिक, 19 जून की एजीएम से पहले कंपनी करीब 33,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। इस इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग जियो के कारोबार और नेटवर्क विस्तार में किया जाएगा।
(Jio IPO Launch Date/ Image Credit: AI-generated)
- रिलायंस जियो जल्द IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है।
- IPO का आकार करीब ₹33,000 करोड़ से अधिक होने की संभावना है।
- यह भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बना सकता है।
नई दिल्ली: Jio IPO Launch Date: मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो जल्द ही अपने बहुप्रतीक्षित IPO लाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अगले कुछ दिनों में आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। बताया जा रहा है कि इस आईपीओ का साइज करीब 4 अरब डॉलर यानी 33,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब 19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित होने वाली है।
बन सकता है भारत का सबसे बड़ा IPO
अगर जियो आईपीओ बाजार में आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। अभी तक यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है जिसने लगभग 3.3 अरब डॉलर का आईपीओ लॉन्च किया था। जियो का प्रस्तावित इश्यू इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में आईपीओ गतिविधि में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली है। ऐसे में जियो आईपीओ की एंट्री निवेशकों के उत्साह को बढ़ा सकता है।
फ्रेश इश्यू से जुटेगा फंड
शुरुआत में माना जा रहा था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर धन जुटाएगी। लेकिन अब रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कंपनी फ्रेश इश्यू का रास्ता अपना सकती है। इसका मतलब है कि नए शेयर जारी किए जाएंगे और उनसे मिलने वाली पूरी राशि सीधे रिलायंस जियो के कारोबार में निवेश होगी। इस फंड का उपयोग नेटवर्क विस्तार, नई तकनीकों के विकास, डिजिटल सेवाओं और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।
रिलायंस के लिए यह कदम अहम
साल 2026 रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए कुछ चुनौतियां लेकर आया है। वैश्विक परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर कंपनी के रिफाइनिंग कारोबार पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल की तिमाही में कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है और शेयर प्रदर्शन भी दबाव में रहा है। ऐसे में जियो का संभावित आईपीओ रिलायंस समूह के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है और इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।
डिजिटल सेवाओं पर रहेगा फोकस
रिलायंस जियो ने पिछले कुछ वर्षों में खुद को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी तक सीमित नहीं रखा है। कंपनी क्लाउड कम्प्यूटिंग, ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है। वर्ष 2029 में जियो ने कई वैश्विक निवेशकों से बड़ी पूंजी जुटाई थी। जिससे उसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई। अब 19 जून को होने वाली AGM पर निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी AI, 5G और डिजिटल बिजनेस को लेकर आगे की क्या रणनीति पेश करती है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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