(Manipal Health IPO/ Image Credit: Meta AI)
Manipal Health IPO News: भारत की प्रमुख हॉस्पिटल चेन, मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने अपने IPO के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं। कंपनी ने बताया कि वह नए शेयरों के माध्यम से 852.24 मिलियन डॉलर जुटाने की योजना बन रही है। इस IPO में टेमासेक समर्थित मौजूदा निवेशक 43.2 मिलिनय शेयर बेचने का प्लान बना रहा है। हालांकि, आईपीओ के आकार के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी ने यह भी बताया कि इस IPO से मिलने वाली राशि का उपयोग बकाया ऋणों के री-पेमेंट और सह्याद्री हॉस्पिटल के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा।
मणिपाल हेल्थ के आईपीओ पर कई प्रमुख निवेश बैंक काम कर रहे हैं। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स, यूबीएस और डीबीएस शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी के वकील के रूप में सिरिल अमरचंद मंगलदास और खैतान एंड कंपनी काम कर रहे हैं। जबकि विक्रय शेयरधारकों को जेएसए, एजेडबी एंड पार्टनर्स, शार्दुल अमरचंद मंगलदास और ट्राइलीगल से सलाह मिल रही है।
मणिपाल हेल्थ का मानना है कि भारत में स्पेशल हेल्थकेयर की तेजी से बढ़ती मांग के कारण उसका कारोबार तेजी से बढ़ेगा। हेल्थकेयर क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेशों में बढ़ोतरी हो रही है, जैसे कि ब्लैकस्टोन, नोवो नॉर्डिस्क और केकेआर जैसी कंपनियों ने इसमें निवेश किया है। इस माहौल में मणिपाल हेल्थ ने पिछले कुछ वर्षों में भारत की सबसे आक्रामक स्वास्थ्य सेवा कंपनियों में अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में, उसने सह्याद्री हॉस्पिटल्स का अधिग्रहण किया है, जिसकी कीमत 700 मिलियन डॉलर थी।
मणिपाल हेल्थ का नेटवर्क 30 सितंबर 2025 तक 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैला था, जिसमें 38 अस्पताल (प्रोफॉर्मा आधार पर 48) और 10,761 लाइसेंस प्राप्त बिस्तर थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में प्रोफॉर्मा आधार पर 9,263.56 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जबकि पिछले वर्ष यह 6,171.63 करोड़ रुपये था। नेट प्रॉफिट में भी मामूली वृद्धि देखी गई, जो पिछले वर्ष के 533.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 534.7 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का सबसे बड़ा नेटवर्क कर्नाटक में है, जहां 6,040 लाइसेंस प्राप्त बिस्तर हैं। इसके अलावा, महाराष्ट्र, गोवा और पूर्वी भारत में भी कंपनी का महत्वपूर्ण नेटवर्क है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।