RIL Share Price: भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट, US से राहत मिलते ही रिलायंस के शेयर में 2.5% की उछाल, निवेशक हैरान!
RIL Share Price: रिलायंस 2025 तक रोजाना करीब 6 लाख बैरल रूसी तेल खरीदने वाला दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की राहत दी, जिससे आज रिलायंस के शेयर 2.5% बढ़ गए और बाजार में उत्साह देखने को मिला। (NSE:RELIANCE, BSE:500325)
(RIL Share Price/ Image Credit: Meta AI)
- रिलायंस शेयर 2.5% बढ़कर 1,424.30 रुपये पर पहुँच गया।
- अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की राहत दी।
- रिलायंस रोजाना लगभग 6 लाख बैरल रूसी तेल खरीदता है।
नई दिल्ली: Reliance Industries Share Price आज शुक्रवार 6 मार्च को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में 2.5% की बढ़त दर्ज की गई। सुबह 10:20 बजे के आसपास, यह निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल था और 1,424.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस बढ़त का मुख्य कारण अमेरिका की ओर से भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए दी गई 30 दिन की अस्थायी राहत को माना जा रहा है।
अमेरिका की 30 दिन की राहत
US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट भारतीय रिफाइनर्स को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है। उनका कहना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और तेल की सप्लाई जारी रखने के लिए उठाया गया है। बेसेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल समुद्र में पहले से फंसे तेल के सौदों के लिए है और इससे रूस को कोई बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा।

भारत और ग्लोबल एनर्जी मार्केट
सेक्रेटरी बेसेंट ने भारत को ‘अहम पार्टनर’ बताया और कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिका से तेल की खरीद बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान की ग्लोबल एनर्जी को प्रभावित करने की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करेगा। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के कारण दुनिया में तेल और LNG की सप्लाई प्रभावित हो सकती थी।
Reliance Industries Ltd – शेयर विवरण (6 मार्च 2026)
| विवरण | मान |
| आज का बंद भाव | ₹1,407.00 (+17.60 / 1.27%) |
| समय | 6 मार्च, 3:30 pm IST |
| ओपन | ₹1,396.50 |
| उच्चतम (High) | ₹1,424.30 |
| न्यूनतम (Low) | ₹1,390.30 |
| मार्केट कैप | ₹19.01 LCr |
| P/E अनुपात | 22.88 |
| 52-सप्ताह उच्चतम | ₹1,611.80 |
| 52-सप्ताह न्यूनतम | ₹1,114.85 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.39% |
| त्रैमासिक डिविडेंड राशि | ₹1.37 |
रिलायंस और ऊर्जा सुरक्षा
रिलायंस 2025 तक हर दिन लगभग 6 लाख बैरल रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। ईरान ने अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद कई खाड़ी देशों में मिलिट्री बेस को निशाना बनाया, जिससे होर्मुज स्ट्रेट की आवाजाही पर खतरा बढ़ गया। यह रास्ता दुनिया की तेल सप्लाई का पांचवां हिस्सा और LNG एक्सपोर्ट का बड़ा हिस्सा संभालता है। भारत, चीन और जापान जैसे बड़े आयातक देशों के लिए इस सप्लाई रूट की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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