(Share Market 17 February 2025/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market 17 February 2025 in India वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिलने के बाद आज मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेसेक्स और निफ्टी 50 के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। निवेशक ईरान-अमेरिका शांति वार्ता से पहले सतर्क नजर आ रहे हैं। इसी कारण एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई, जबकि अमेरिकी शेयर वायदा में मिश्रित कारोबार हुआ।
हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स करीब 650 अंकों की छलांग लगाकर 83,277 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 211 अंकों की तेजी के साथ 25,682 के स्तर पर पहुंच गया। बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में खरीदारी से बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला था।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 करीब 0.5 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी कमजोरी रही। चीन, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष के चलते बंद हैं। कम कारोबारी गतिविधि के कारण बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
गिफ्ट निफ्टी करीब 25,636 पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 81 अंक नीचे है। यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है। शुरुआती घंटों में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, हालांकि दिन के दौरान वैश्विक संकेतों के आधार पर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अमेरिकी बाजार सोमवार को राष्ट्रपति दिवस के कारण बंद रहे। हालांकि, वायदा बाजार में हलचल दिखी। S&P 500 फ्यूचर्स में हल्की बढ़त रही, जबकि नैस्डेक 100 फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। वहीं डाऊ जोंस इंडस्ट्रियलल एवरेज फ्यूचर्स मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
भारत में जनवरी के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर 5 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर में 4.8 प्रतिशत थी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में मामूली बदलाव रहा, जबकि चांदी में हल्की गिरावट देखी गई। डॉलर इंडेक्स लगभग स्थिर रहा। भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और ब्रेंट क्रूड तथा WTI क्रूड दोनों में बढ़त दर्ज की गई।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।