(Stock Market 11 march 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India आज बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मिले-जुले संकतों के साथ होने की संभावना है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कैश मार्केट में करीब 4700 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे निवेशकों का मूड थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है। वहीं गिफ्ट निफ्टी करीब 80 अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है, जो बाजार की सपाट से थोड़ी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। हालांकि वैश्विक बाजारों से कुछ सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
एशियाई बाजारों में आज मजबूती देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 2% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से ज्यादा उछल गया है। इसके अलावा हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स और ताइवान वेटेड इंडेक्स भी मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे हैं। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की ओर से क्रूड ऑयल रिजर्व जारी करने के प्रस्ताव की खबरों के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना कुछ बेहतर हुई है। इससे एशियाई बाजारों को भी सहारा मिला है और निवेशकों का भरोसा थोड़ा मजबूत हुआ है।
तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। खबरों के मुताबिक इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने अपने इतिहास में सबसे बड़े ऑयल रिजर्व रिलीज का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करना है। इस खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और यह करीब 3% गिरकर 89 डॉलर के आसपास पहुंच गया। वहीं ब्रेंट फ्यूचर्स करीब 87.57 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से एक टैंकर के अमेरिकी नेवी की सुरक्षा में गुजरने की खबरों से भी कीमतों पर प्रभाव पड़ा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर करेंसी मार्केट पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के संघर्ष को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रेडर्स फिलहाल किनारे रहकर हालात पर नजर रख रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में तेल की कीमतों में तेजी आने से डॉलर मजबूत हुआ था, लेकिन अब जल्द समाधान की उम्मीद से डॉलर ने अपनी कुछ बढ़त खो दी है। इसके बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष जल्दी खत्म होगा, इस पर अभी भरोसा करना मुश्किल है।
एशियाई कारोबार के दौरान यूरो करीब 1.16 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो हाल के निचले स्तर से थोड़ा मजबूत है। वहीं ब्रिटिश पाउंड भी हल्की बढ़त के साथ 1.34 डॉलर के आसपास पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स करीब 98.8 के स्तर पर बना हुआ है, जो हाल के तीन महीने के उच्च स्तर से थोड़ा नीचे है।
अमेरिकी शेयर बाजार में भी मंगलवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बाद S&P 500 इंडेक्स कमजोर होकर नेगेटिव जोन में बंद हुआ। निवेशक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं को लेकर चिंतित नजर आए। डॉओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 34 अंक गिरकर 47,706 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 करीब 14 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि नैस्डैक कंपोजिट लगभग सपाट बंद हुआ। इन वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय बाजार की शुरुआत भी आज सतर्कता के साथ हो सकती है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।