(Stock Market Trading Timings/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Stock Market Trading Timings: शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बाजार की टाइमिंग से जुड़ी बड़ी खबर है। SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS और इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट की ट्रेडिंग विंडों में बदलाव (Stock Market Trading Timings) को लेकर दो विकल्प सुझाए हैं। हालांकि, यह अभी सिर्फ प्रस्ताव है और इसे लागू नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल शेयर बाजार पहले की तरह अपने मौजूदा समय पर ही चलेगा। सेबी का मकसद बाजार बंद होने की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित करना और अंतिम समय में होने वाली ट्रेडिंग को बेहतर तरीके से करना है।
पहले विकल्प यानी ऑप्शन A में कैश मार्केट की सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:30 बजे तक जारी रखने का सुझाव है। इसके बाद 3:31 बजे से 3:40 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन सेशन चल सकता है। वहीं F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय बढ़ाकर 3:45 बजे तक किया जा सकता है। दूसरे विकल्प यानी ऑप्शन B में सामान्य कैश मार्केट ट्रेडिंग 3:15 बजे खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके बाद 3:15 से 3:25 बजे तक CAS होगा, जबकि F&O कारोबार पहले की तरह 3:30 बजे बंद करने का सुझाव दिया गया है।
SEBI ने केवल बाजार बंद होने के समय (Stock Market Trading Timings) को लेकर ही विकल्प नहीं दिए हैं, बल्कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की प्रक्रिया में भी बदलाव का सुझाव रखा है। CAS शुरू होने से पहले मिलने वाली ट्रांजिशन अवधि को 5 मिनट से घटाकर सिर्फ 1 मिनट करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा ऑक्शन खत्म होने के बाद इक्विटी डेरिवेटिव्स में मिलने वाली अतिरिक्त ट्रेडिंग अवधि को 10 मिनट से घटाकर 5 मिनट करने का सुझाव दिया गया है। अगर प्रस्ताव लागू होता है तो बाजार के अंतिम चरण में ट्रेडिंग की पूरी प्रक्रिया मौजूदा व्यवस्था से अलग हो सकती है।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि SEBI ने अभी कोई नया ट्रेडिंग टाइम (Stock Market Trading Timings) लागू नहीं किया है। नियामक ने अपने कंसल्टेशन पेपर पर बाजार से जुड़े लोगों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव और टिप्पणियां 3 अक्टूबर 2026 तक भेजी जा सकती हैं। इसके बाद मिले फीडबैक पर विचार किया जाएगा और उसी आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। तब तक शेयर बाजार मौजूदा ट्रेडिंग टाइम के अनुसार ही संचालित होगा।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।