बरेली में खाली घर में बिना अनुमति सामूहिक नमाज पढ़ने के आरोप में 12 व्यक्ति गिरफ्तार

बरेली में खाली घर में बिना अनुमति सामूहिक नमाज पढ़ने के आरोप में 12 व्यक्ति गिरफ्तार

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  • Publish Date - January 18, 2026 / 01:56 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 01:56 PM IST

बरेली (उप्र), 18 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिशारतगंज थानाक्षेत्र के मोहम्मद गंज गांव में खाली पड़े एक मकान में ‘‘बिना प्रशासनिक अनुमति’’ के नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार खाली मकान में कथित तौर पर सामूहिक नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।

पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि खाली पड़े मकान को अस्थायी रूप से मदरसे की तरह इस्तेमाल करके कई हफ्तों से सामूहिक जुमा की नमाज अदा किए जाने की जानकारी शनिवार को सामने आयी थी और सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से 12 लोगों का शनिवार को शांति भंग की धाराओं में चालान किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को शनिवार को ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उन्होंने बताया कि वहीं, पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

वर्मा ने कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की नई धार्मिक गतिविधि या आयोजन करना कानून का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आमजन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि उक्त खाली मकान हनीफ नामक व्यक्ति का है, जिसे अस्थायी मदरसे के रूप में उपयोग किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने लिखित अनुमति या वैध दस्तावेज मांगे, तो कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित मकान में लगातार जुमे की नमाज पढ़ी जा रही थी, जबकि इसके लिए किसी तरह की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची और मकान के अंदर चल रही सामूहिक नमाज को रुकवाया।

इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें लोग खाली मकान के भीतर सामूहिक नमाज अदा करते दिखायी दे रहे हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल कर लिया है।

भाषा सं आनन्द संतोष अमित

अमित