डरी-सहमी पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार सदन नहीं चला पाई: कांग्रेस विधायक आराधना

डरी-सहमी पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार सदन नहीं चला पाई: कांग्रेस विधायक आराधना

डरी-सहमी पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार सदन नहीं चला पाई: कांग्रेस विधायक आराधना
Modified Date: August 5, 2026 / 08:00 pm IST
Published Date: August 5, 2026 8:00 pm IST

लखनऊ, पांच अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानमंडल दल की कार्यवाही एक दिन पूर्व ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने पर विधानसभा में कांग्रेस के विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने बुधवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि भयभीत, डरी-सहमी पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार सदन नहीं चला पाई।

विधानसभा में बुधवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदस्यों के बहुमत से पारित हो गया।

इसके बाद विधानमंडल के दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि यह सदन छह अगस्त तक के लिए प्रस्तावित था।

आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर जनता के मुद्दों पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया।

उन्होंने सरकार पर प्रदेश के राम मंदिर में चंदा और चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार भयभीत और डरी-सहमी है।

मोना ने कहा कि हमने नियम 311 और नियम 56 के अंतर्गत भगवान रामलला के मंदिर में हुई चंदा और चढ़ावे की कथित चोरी और उसके साथ-साथ प्रदेश में किसानों की खाद की किल्लत को लेकर सदन में चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार की नीयत लोकतंत्र विरोधी है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता ने कहा कि उप्र में समस्याओं पर चर्चा के लिए सदन में पर्याप्त समय चाहिए, लेकिन चार दिन के सत्र को एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

कांग्रेस नेता आराधना ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार चर्चा से क्यों भाग रही है। उन्‍होंने कहा कि न तो उत्तर प्रदेश सरकार चर्चा कर रही, न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के लोगों को राम मंदिर में चंदा-चढ़ावा की कथित चोरी पर जवाब दे रहे हैं।

आराधना मिश्रा ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा की चोरी से इतनी डर गई है कि बजट बिना चर्चा किए पारित करा लिया, क्योंकि जनता जान चुकी है कि भगवान रामलला के मंदिर में चंदे-चढ़ावे की संगठित और सुनियोजित लूट और डकैती भाजपा सरकार के संरक्षण में ‘संघ’ और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने की।’’

उन्‍होंने आरोप लगाया कि रामलला के चंदा चोर और लुटेरों को बचाया जा रहा है।

आराधना मिश्रा ने पूछा कि जब सदन छह अगस्त तक के लिए निर्धारित था तो पहले खत्म करने का निर्णय सरकार ने क्यों किया? आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई? उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जवाबदेही से बच रही है।

भाषा आनन्द पारुल संतोष

संतोष


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