उप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सपा विधायकों का धरना समाप्त

उप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सपा विधायकों का धरना समाप्त

उप्र विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सपा विधायकों का धरना समाप्त
Modified Date: August 5, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: August 5, 2026 8:13 pm IST

लखनऊ, पांच अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र से निलंबित समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक सचिन यादव राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मुद्दे को लेकर बुधवार को विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने ‘दान पात्र’ लेकर धरने पर बैठ गए।

हालांकि, हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद सचिन ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

इससे पहले, सचिन के साथ धरने में शामिल सपा विधायक अतुल प्रधान और डॉ. मुकेश वर्मा समेत कई नेताओं ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।

सचिन अपने हाथ में एक दान पात्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला पोस्टर लेकर बैठे थे। इसी पोस्टर को मंगलवार को सदन के बीचों-बीच लहराने के कारण विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें मौजूदा मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया था।

पंकज मलिक, जय प्रकाश अंचल, आरके वर्मा और वीरेंद्र यादव समेत कई विधायकों ने सचिन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद विधान भवन के मुख्य द्वार पर सपा सदस्य नफीस अहमद, फहीम, धर्मराज यादव, पिंकी यादव, अखिलेश, जय प्रकाश अंचल समेत कई सदस्य हाथों में पोस्टर लहराते हुए सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।

शिवपाल ने सचिन से मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन जताया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी सचिन के समर्थन में धरनास्थल पहुंचे।

सचिन ने संवाददाताओं से कहा, “हम चाहते हैं कि लोक आस्था से जुड़े राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भाजपा के जिन बड़े लोगों की संलिप्तता के आरोप हैं, सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करे।”

उन्होंने कहा, “हम सत्र से निलंबित हैं और सदन के अंदर भी नहीं जा सकते, लेकिन हम निलंबन से डरने वाले नहीं हैं।”

सचिन ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर नियम 311 के तहत सदन में चर्चा कराए और न्याय सुनिश्चित करे।”

थोड़ी देर बाद बड़ी संख्या में सपा विधायक धरनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, आरक्षण न दिए जाने और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

सपा विधायक पंकज मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार चढ़ावे की कथित चोरी में शामिल “बड़े लोगों” को बचा रही है।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ था और सरकार ने मंगलवार को अनुपूरक बजट पेश किया था। यह सत्र बृहस्पतिवार तक चलना था, लेकिन बुधवार को ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

सचिन ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद धरना समाप्त कर दिया।

उन्होंने कहा, “यह धरना हमने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा कराने की मांग को लेकर दिया, लेकिन इस सरकार ने निर्धारित समय से एक दिन पहले ही सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।”

सचिन ने आरोप लगाया, “यह सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिशों में जुटी हुई है, इसलिए उसमें विपक्ष का सामना करने का साहस नहीं है।”

भाषा

आनन्द सलीम पारुल

पारुल


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