बसपा का अपने बलबूते चुनाव लड़ना उसका अंदरूनी मामला : उप्र भाजपा अध्यक्ष

बसपा का अपने बलबूते चुनाव लड़ना उसका अंदरूनी मामला : उप्र भाजपा अध्यक्ष

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 09:25 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 09:25 PM IST

लखनऊ, 15 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के आगामी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले को उनके संगठन का ‘आंतरिक मामला’ करार दिया है।

मायावती की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने लखनऊ में बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि गठबंधन करने का फैसला लेना ‘उनका व्यक्तिगत और पार्टी का निर्णय’ है।

चौधरी ने यहां पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों और विभागों की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बसपा के आगामाी चुनावों को अपने बलबूते पर लड़ने के मायावती के ऐलान के बारे में पूछे गये एक सवाल पर कहा कि यह बसपा का अंदरूनी मामला है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ”किससे गठबंधन करना है और किसके साथ नहीं, यह उनका अंदरूनी मामला है। यह उन्हें तय करना है।”

चौधरी ने पार्टी की बैठक के बारे में कहा कि बैठक में पूरे राज्य से समन्वयक शामिल हुए। इस दौरान इस बात पर खास जोर रहा कि भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचें।

उन्होंने कहा, ”सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक ले जाने और उनके प्रभावी प्रचार और कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।”

मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन पर आज लखनऊ में बसपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोहराया कि उनकी पार्टी पूरे देश में होने वाले आगामी विभिन्न चुनाव अपने बलबूते पर लड़ेगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले अनुभव से पता चला है कि गठबंधन से बसपा के सहयोगियों को ज़्यादा फायदा हुआ मगर उनके सवर्ण वोट पूरी तरह से बसपा उम्मीदवारों को नहीं मिले।

हालांकि, मायावती ने कहा कि अगर पार्टी को यकीन हो जाए कि कोई सहयोगी अपने सवर्ण वोट को प्रभावी ढंग से बसपा को दिलवा सकता है तो भविष्य में गठबंधन पर विचार किया जा सकता है। मगर, फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं दिख रही है।

भाषा

सलीम रवि कांत