लखनऊ, 12 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या मानदेय आधारित नियुक्त अपर शासकीय अधिवक्ता या स्थायी अधिवक्ता सरकार व उसके अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 18 मई 2026 को तय की गई है।
न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने अशोक कुमार सिंह व 28 अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान यह सवाल उठाया जिसमें 2025 में पारित आदेश की कथित अवमानना का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने पाया कि याचियों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता सुधीर कुमार मिश्र अपर शासकीय अधिवक्ता हैं जिस पर पीठ ने विधि परामर्शी से जवाब मांगा है कि क्या ऐसे अधिवक्ता राज्य सरकार के खिलाफ वाद दायर कर सकते हैं।
भाषा सं आनन्द खारी
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