लखनऊ, 10 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार को यहां उनके सरकारी आवास पर भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंशन ने शिष्टाचार भेंट की। एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।
इस सरकारी बयान के मुताबिक भेंट के दौरान दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश में निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग तथा विभिन्न क्षेत्रों में सम्भावित साझेदारी को लेकर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जहां निवेशकों के लिए पारदर्शी नीतिगत वातावरण, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध हैं।
उन्होंने डेनमार्क की कम्पनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक निवेशक को आवश्यक सहयोग, सरल प्रक्रियाएं और सुरक्षित निवेश वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने ‘डिफेंस कॉरिडोर’, नवीकरणीय ऊर्जा, ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’, जल प्रबन्धन, कौशल विकास, अवस्थापना विकास एवं स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों में डेनमार्क के साथ साझेदारी को अत्यन्त उपयोगी बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की सहभागिता से उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तान्तरण और सतत् विकास को नई गति मिलेगी।
बयान के अनुसार भेंट के दौरान डेनमार्क के राजदूत ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विगत नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक परिवर्तन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले भारत में निवेश की चर्चाओं में उत्तर प्रदेश का उल्लेख सीमित रहता था, किन्तु आज यह राज्य निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की विशाल जनसंख्या, कुशल मानव संसाधन और सुदृढ़ होती आधारभूत संरचना को इसकी प्रमुख ताकत बताते हुए इन उपलब्धियों का श्रेय मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया।
राजदूत ने उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक सम्भावनाओं का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से डिफेंस कॉरिडोर में रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में डेनमार्क का समृद्ध अनुभव है और इस क्षेत्र में डेनमार्क की कम्पनियां उत्तर प्रदेश में निवेश एवं तकनीकी साझेदारी के लिए उत्सुक हैं।
भाषा आनन्द राजकुमार
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