प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में अखिलेश और भतीजी के बीच भावुक पल की सोशल मीडिया पर चर्चा

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प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में अखिलेश और भतीजी के बीच भावुक पल की सोशल मीडिया पर चर्चा

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 07:03 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 07:03 PM IST

लखनऊ, 14 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार के दौरान बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव और उनकी छोटी भतीजी के बीच का एक भावुक क्षण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

प्रतीक यादव का 13 मई को 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार, वह हृदय और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे।

उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसा कुंड) में किया गया, जहां यादव परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और समर्थकों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

अंतिम संस्कार में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, उनके चाचा एवं वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव, प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव तथा उनकी बेटियां प्रथम और पद्मजा भी मौजूद थीं।

श्मशान घाट पर परिवार के सदस्य और अन्य लोग एक शेड के नीचे बैठे थे। इसी दौरान एक भावुक दृश्य सामने आया। अखिलेश यादव आगे की पंक्ति में शिवपाल यादव के साथ बैठे थे, जबकि पांच वर्षीय पद्मजा उनके बगल में बैठी थीं। वहीं बड़ी बेटी प्रथम शिवपाल यादव के पास बैठी थीं।

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान अखिलेश यादव ने चुपचाप पद्मजा को एक चॉकलेट दी। बच्ची जब उसका रैपर खोलने में असमर्थ रही, तो उसने इशारे से अपनी परेशानी बताई। इसके बाद अखिलेश ने रैपर खोलकर चॉकलेट उसे वापस दे दी, जिस पर बच्ची ने उन्हें धन्यवाद कहा।

शोक के माहौल के बीच यह छोटा-सा पल मौजूद लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। सफेद शर्ट और हल्के रंग की पतलून पहने पद्मजा कुछ देर के लिए मुस्कुराती नजर आईं।

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे भावुक और दिल छू लेने वाला क्षण बताया।

अंतिम संस्कार में सैफई परिवार से जुड़े धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव के अलावा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा मंत्री दयाशंकर सिंह और दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे। अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट भी वहां उपस्थित थीं।

अपर्णा यादव ने 2022 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था। वह वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।

प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलने पर अखिलेश यादव किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने संवाददाताओं से कहा था कि प्रतीक “बहुत अच्छे युवक” थे और बचपन से उन्हें जानते थे।

अखिलेश ने कहा था, “वह कम उम्र से ही अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर काफी सजग थे।” अखिलेश ने बताया कि पिछली मुलाकात में उन्होंने प्रतीक को स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अपने काम को आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।

प्रतीक यादव के निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो भी फिर से साझा किया जा रहा है, जिसमें वह अपर्णा यादव के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह परिवार के बुजुर्गों का अभिवादन करते और परिजनों से आत्मीयता से मिलते दिखाई दे रहे हैं।

यादव परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, प्रतीक यादव मुख्य रूप से अपने कारोबारी कार्यों में व्यस्त रहते थे और उन्हें पशुओं, लग्जरी कारों, मोटरसाइकिलों तथा बॉडी बिल्डिंग का शौक था।

उन्होंने सक्रिय राजनीति में कभी रुचि नहीं दिखाई और अपेक्षाकृत निजी जीवन व्यतीत किया। सैफई और लखनऊ के लोगों ने उन्हें विनम्र और सौम्य स्वभाव का व्यक्ति बताया।

भाषा

किशोर, जफर रवि कांत