नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) इस्पात कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 19,243 करोड़ रुपये रहा है जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 1,501 करोड़ रुपये था।
कंपनी के मुनाफे में यह बढ़ोतरी 17,888 करोड़ रुपये के असाधारण लाभ का नतीजा है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने विजयनगर संयंत्र के क्षमता विस्तार पर 26,000 करोड़ रुपये निवेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
जेएसडब्ल्यू स्टील ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही के शुद्ध लाभ में 17,888 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ शामिल है। इसमें बीएसपीएसएल इस्पात उपक्रम की बिक्री से मिले 18,051 करोड़ रुपये और नई श्रम संहिता लागू होने से कर्मचारी देनदारियों से जुड़े मद में 163 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च शामिल है।
जनवरी–मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 51,521 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 45,049 करोड़ रुपये थी।
समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में जेएसडब्ल्यू स्टील ने 25,508 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 3,491 करोड़ रुपये था। वहीं कुल आय 1,69,518 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,86,718 करोड़ रुपये हो गई।
कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 7.1 रुपये लाभांश की सिफारिश की है। इस लाभांश के कारण कुल व्यय 1,736 करोड़ रुपये होगा।
निदेशक मंडल ने जेएसडब्ल्यू स्टील के जेएसडब्ल्यू विजयनगर मेटैलिक्स (जेवीएमएल) में पांच एमटीपीए क्षमता के विस्तार को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना में 26,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय होगा।
इस संयंत्र की बढ़ी हुई क्षमता वित्त वर्ष 2029-30 तक चालू करने की योजना है। इससे विजयनगर संयंत्र की क्षमता लगभग 25 एमटीपीए हो जाएगी, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र बन जाएगा।
भाषा निहारिका अजय प्रेम
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