गाजियाबाद (उप्र), 12 मई (भाषा) गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के टावर-डी में 29 अप्रैल को लगी आग की उच्चस्तरीय जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर खामियों को उजागर किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
समिति के अनुसार, आग नौवीं मंजिल से शुरू होकर तेजी से फैली, जिससे करीब 22 फ्लैट प्रभावित हुए।
निवासियों ने बताया कि घटना के समय अग्नि चेतावनी प्रणाली काम नहीं कर रही थी और सुरक्षा उपकरणों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था।
समिति में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव को अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व), मुख्य अग्निशमन अधिकारी और विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था।
जांच में पाया गया कि स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन करते हुए खुली जगहों और अग्निशमन वाहनों के मार्ग पर निर्माण तथा अस्थायी ढांचे खड़े कर दिए गए थे जिससे दमकल वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
इसमें यह भी कहा कि टावर-डी के सामने हरित क्षेत्र, तरणताल और क्लब हाउस के आसपास चारदीवारी तथा अन्य ढांचे बनाए गए थे।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर समिति को आगजनी या किसी साजिश के संकेत नहीं मिले। विद्युत सुरक्षा विभाग ने फ्लैट डी-943 की जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका भी खारिज कर दी। हालांकि, समिति ने आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और तकनीकी एजेंसियों से विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की है।
समिति ने ग्रुप हाउसिंग और परिसरों में अतिक्रमण हटाने, अग्निशमन मार्ग खाली रखने, अग्नि सुरक्षा प्रणाली की नियमित जांच, प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती और समय-समय पर अभ्यास अभियान चलाने की सिफारिश की है।
इस अग्निकांड में बचाव अभियान के दौरान 17 दमकल वाहन, हाइड्रोलिक मंच और 70 से अधिक कर्मियों को लगाया गया था। ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद एक बुजुर्ग समेत कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
भाषा किशोर आनन्द खारी
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