Shahjahanpur gross negligence
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), 28 जुलाई । शाहजहांपुर जिले में, प्रसव के दौरान जनवरी में डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर पेट में कपड़ा छोड़ देने से पीड़ित महिला की करीब छह महीने बाद, 26 जुलाई को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र के रामापुर उत्तरी गांव में रहने वाले मनोज की 30 वर्षीय पत्नी नीलम का पिछली छह जनवरी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के जरिए प्रसव हुआ था। आरोप है कि एक चिकित्सक ने ऑपरेशन के दौरान प्रसूता के पेट में कपड़ा छोड़ दिया दिया था।
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पीड़िता के पति मनोज ने बुधवार को बताया कि उनकी पत्नी की इलाज के दौरान लखनऊ के ट्रामा सेंटर में सोमवार की रात में मौत हो गई। उन्होंने मामले की शिकायत की है लेकिन अब तक किसी ने भी उनके न तो बयान लिए और ना ही आरोपी डॉक्टर पर कोई कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म के बाद उसकी पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत रहती थी। गत 21 जून को मेडिकल कॉलेज में कराए गए सीटी स्कैन से पेट में कपड़ा होने की पुष्टि हुई थी तथा उसके बाद ऑपरेशन करके कपड़ा निकाला गया था। बाद में हालत गंभीर होने पर पीड़िता को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया गया था।
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इस बीच, राजकीय मेडिकल कॉलेज की जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर पूजा त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में बनाई गई जांच कमेटी ने आरोपित डॉक्टर पंकज को फोन करके उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने बात टाल दी। इस बात की पुष्टि जांच कमेटी के सदस्य डॉक्टर सरोज कुमार ने करते हुए बताया कि अब डॉक्टर पंकज जांच कमेटी को बयान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित डॉक्टर पंकज छह माह के लिए सीनियर रेजिडेंट के पद पर यहां काम कर रहे थे और कार्यकाल पूरा होने के बाद वह मेडिकल कॉलेज से चले गए हैं।