वंदे मातरम् का अपमान देश के साथ धोखा है, अखिलेश को आरएसएस की शाखाओं में जाना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

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वंदे मातरम् का अपमान देश के साथ धोखा है, अखिलेश को आरएसएस की शाखाओं में जाना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 06:48 PM IST

लखनऊ, 17 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव को राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखाओं में जाकर इसकी परंपराओं और अनुशासन को समझने की सलाह देते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का कोई भी अपमान ‘‘देश के साथ धोखा’’ है।

यादव के वंदे मातरम् गाने और आरएसएस के संदर्भों पर टिप्पणी का जवाब देते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि सपा नेता को संगठन के कामकाज के बारे में सीखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर वह (अखिलेश) आरएसएस की शाखाओं में जाना शुरू कर देते हैं, तो वह सुबह जल्दी उठना सीख जाएंगे। यह उनके हित में होगा और इससे उनके परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी की पहचान बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।’’

आदित्यनाथ लखनऊ में एक निजी मीडिया हाउस द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत – समृद्ध उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की आज़ादी की लड़ाई का एक मंत्र रहा है और 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान या तिरंगे का अपमान संविधान बनाने वालों, बी आर आंबेडकर और उन क्रांतिकारियों का अपमान है जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए फांसी पर चढ़ गए। ऐसे काम देशद्रोह के बराबर हैं, और आज का भारत इसे स्वीकार नहीं कर सकता।’’

अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘‘मुख्यमंत्री को पता ही नहीं कि प्रदेश में क्या हो रहा है। इनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने कभी वंदे मातरम् नहीं गाया। न आजादी के पहले गाया और न आजादी के बाद गाया। इन्हें अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों से पूछना चाहिए कि आपने आजादी से पहले वंदे मातरम् क्यों नहीं गया। सुजलाम, सुफलाम क्यों नहीं गाया?’’

समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में बदलाव लाने में नाकाम रहे, वे अब दुष्प्रचार के जरिए विकास में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘2017 से पहले, उत्तर प्रदेश में अराजकता, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद था। तब से, राज्य ने सभी क्षेत्रों में बदलाव देखा है और आज यह देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।’’

अखिलेश यादव के योगी आदित्यनाथ को उनके पुराने नाम से बुलाने और शंकराचार्य विवाद समेत धार्मिक मामलों से जुड़ी हाल की बातों के बारे में एक और सवाल के जवाब में, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे बयान सच्ची आस्था के बजाय मौकापरस्ती दिखाते हैं। वह आज एक व्यक्ति (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) का बचाव कर सकते हैं और कल किसी और का। यह आस्था की बात नहीं है, बल्कि राजनीतिक सुविधा की बात है।’’

भाषा किशोर आनन्द शफीक

शफीक