बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखना आवश्यक : बबीता चौहान

Ads

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखना आवश्यक : बबीता चौहान

  •  
  • Publish Date - February 7, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 08:11 PM IST

लखनऊ, सात फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने शनिवार को कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखना बेहद जरूरी है।

चौहान ने इस बात पर बल दिया कि ये उपकरण बच्चों को बचपन जीने से रोक रहे हैं।

गाजियाबाद जिले में तीन नाबालिग बहनों के कथित तौर पर आत्महत्या करने की घटना सामने आने के मद्देनजर चौहान का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गाजियाबाद में तीन बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने मंगलवार देर रात टीला मोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस की जांच में पता चला है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियाई गेम की आदी थीं जिसमें कई तरह के कार्य शामिल थे।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने जिलाधिकारियों को लिखे एक पत्र में कहा है कि पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को गृहकार्य और परियोजना कार्य मोबाइल फोन पर नहीं भेजे जाने चाहिए, क्योंकि बच्चों को यह नहीं पता होता कि उन्हें मोबाइल फोन पर कितना समय बिताना चाहिए। मेरा मानना ​​है कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखना जरूरी है।’’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कक्षाओं में भाग लेने और असाइनमेंट प्राप्त करने के लिए मोबाइल फोन आवश्यक थे, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

चौहान ने इस बात पर बल दिया कि छात्र पहले अपना गृह कार्य डायरी में लिखते थे, और इस प्रथा को फिर से शुरू किया जाना चाहिए। इस विधि से माता-पिता और बच्चे दोनों अपने काम को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब बच्चे अपना गृह कार्य लिखते हैं तो उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।’’

भाषा

जफर रवि कांत