लखनऊ, छह फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को लखनऊ में कुछ बालिका विद्यालयों के खुलने और बंद होने के समय उसके पास यातायात की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई और प्रदेश सरकार को इस मामले को देखने और की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि हमारी जानकारी में आया है कि लड़कियों के स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय जब छात्राएं स्कूल परिसर के बाहर निकलती हैं तो, कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है।
स्टेशन रोड, चारबाग स्थित एपी सेन महिला पीजी कॉलेज का जिक्र करते हुए लखनऊ पीठ ने कहा कि उक्त संस्थान की लड़कियों को तंग करने की भी घटनाएं सामने आई हैं।
अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को इस मामले को देखने और अगली सुनवायी पर पूरी जानकारी अदालत को देने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने गोमती रिवर बैंक के निवासियों की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूलों की वजह से होने वाले यातायात जाम की समस्या से निजात के संबंध में पूर्व में कई आदेश दिए हैं।
इस बार की सुनवाई के दौरान अदालत ने गर्ल्स स्कूलों की छात्राओं को परेशान किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की है।
अदालत ने अगली सुनवाई पर पुलिस महानिदेशक (यातायात) को भी उपस्थित होकर अपने सुझाव देने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
भाषा सं जफर रंजन
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