लखनऊ में अग्निकांड के बाद एलडीए ने एक इमारत को ध्वस्त करना शुरू किया

लखनऊ में अग्निकांड के बाद एलडीए ने एक इमारत को ध्वस्त करना शुरू किया

लखनऊ में अग्निकांड के बाद एलडीए ने एक इमारत को ध्वस्त करना शुरू किया
Modified Date: July 25, 2026 / 10:46 am IST
Published Date: July 25, 2026 10:46 am IST

लखनऊ, 25 जुलाई (भाषा) लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शनिवार को शहर के अलीगंज इलाके में उस चार मंजिला इमारत को गिराना शुरू कर दिया, जहां पिछले महीने भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी।

शनिवार सुबह एलडीए की टीम स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ तीन बुलडोजर लेकर घटनास्थल पर पहुंची। इमारत गिराने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले अवरोधक लगा दिए गए और इमारत के चारों ओर की सड़कें बंद कर दी गईं।

एलडीए के अधिकारियों ने कहा कि ध्वस्तीकरण एलडीए द्वारा शुरू की गई कार्यवाही के बाद किया गया है, जिसमें पाया गया कि एक बेसमेंट और दो मंजिलों वाली आवासीय संरचना के रूप में स्वीकृत इमारत में एक अतिरिक्त मंजिल बनायी गयी और अनधिकृत निर्माण के साथ उसे एक वाणिज्यिक प्रतिष्ठान में बदल दिया गया था।

प्राधिकरण ने 23 जून को उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 के तहत एक नोटिस जारी किया था, जिसमें मालिकों को निर्माण की वैधता स्थापित करने का निर्देश दिया गया था। सुनवाई के बाद, नामित प्राधिकारी ने वाणिज्यिक निर्माण को अवैध घोषित कर दिया और 10 जुलाई को इमारत को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया, जिसमें मालिकों को 25 जुलाई तक अनधिकृत हिस्सों को हटाने का निर्देश दिया गया।

गौरतलब है कि 22 जून को इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित एक कार्यालय में आग लग गई, जिससे अंदर फंसे 15 लोगों की मौत हो गई। पांच अन्य लोग पाइप और तारों के माध्यम से नीचे उतरकर बाहर निकलने में सफल रहे।

इस घटना ने इमारत और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के कथित उल्लंघन की कई जांच शुरू कर दीं।

पुलिस ने मामले में भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और एनीमेशन सेंटर के संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि राज्य सरकार ने बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और एलडीए के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।

भाषा चंदन जफर गोला

गोला


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