Mayawati thanks the Yogi government: बीएसपी चीफ मायावती ने जताया योगी सरकार का आभार, दिया धन्यवाद.. समाजवादी पार्टी पर किया तीखा हमला, आप भी पढ़ें

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बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी पर महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के नाम बदलने का आरोप लगाया और सरकार से अन्य जिलों के मूल नाम भी बहाल करने की मांग की।

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 04:41 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 04:52 PM IST

Mayawati thanks the Yogi government || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • संत रविदास नगर नाम बहाली पर मायावती ने स्वागत किया।
  • समाजवादी पार्टी पर संकीर्ण जातिवादी राजनीति का आरोप लगाया।
  • अन्य जिलों के मूल नाम बहाल करने की मांग उठाई।

लखनऊ: पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बड़ा ऐलान किया था। (Mayawati thanks the Yogi government) उन्होंने भदोही जिले की पहचान को पुनर्स्थापित करने का दावा करते हुए जिले के नाम में परिवर्तन की बात कही थी। उन्होंने भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किये जाने की घोषणा की थी।

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वही राज्य सरकार के इस फैसले पर बहुजन समाज पार्टी के मुखिया और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने आभार जताया है। मायावती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें संकीर्ण जातिवादी मानसिकता का बताया है।

क्या लिखा मायावती ने?

मायावती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, “जैसा कि मीडिया की ख़बरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत् बदल दिया था, इसे अब फिर से संत रविदास नगर ज़िला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।”

मायावती ने आगे कहा, “वास्तव में बी.एस.पी. की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये ज़िले, तहसील, विकास खण्ड तथा पुलिस ज़ोन व रेंज आदि बनाये गये। (Mayawati thanks the Yogi government) उनमें से कई ज़िलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये ज़िले बने, जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।”

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके़ के समुचित विकास हेतु कासंगज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया ज़िला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडीए-पिछड़ा दलित व अक्लि़यत विरोधी रवैयों के कारण बदल दिया।”

“ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाये गये नये ज़िलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा। (Mayawati thanks the Yogi government) यह कार्य अगर मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्तूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बी.एस.पी. इसके लिये आभारी रहेगी।”

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मायावती ने योगी सरकार का आभार क्यों जताया?

उत्तर: मायावती ने भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

मायावती ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?

उत्तर: उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने संकीर्ण जातिवादी सोच और राजनीतिक कारणों से महापुरुषों के नाम पर बनाए गए कई जिलों के नाम बदल दिए थे।

मायावती ने सरकार से आगे क्या मांग की है?

उत्तर: उन्होंने मान्यवर कांशीराम और अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के मूल नाम भी बहाल करने की मांग की और कहा कि यह निर्णय 9 अक्टूबर से पहले या उसी दिन लिया जाए।