Reading newspapers mandatory: स्कूलों में स्टूडेंट-टीचर के लिए अख़बार पढ़ना अनिवार्य.. आज से लागू होगा BJP सरकार का यह अनोखा फैसला

Reading newspapers mandatory for students: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने X पर एक पोस्ट में कहा, स्कूल की सभा प्रार्थना सभाओं के दौरान नियमित रूप से अखबार पढ़ने की व्यवस्था की जाएगी।

  •  
  • Publish Date - January 1, 2026 / 08:54 AM IST,
    Updated On - January 1, 2026 / 08:57 AM IST

Reading newspapers mandatory for students || Image- AI Generate

HIGHLIGHTS
  • सरकारी स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य
  • छात्रों की भाषा और सोच होगी मजबूत
  • सरकार वहन करेगी अखबार का खर्च

Reading newspapers mandatory for students: लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आज नए साल सभी सरकारी स्कूलों में न्यूज पेपर को अनिवार्य कर दिया है। यानी कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को समाचार पत्र पढ़ने होंगे। इसके लिए शिक्षकों से विशेष ध्यान भी देने के लिए कहा गया है। अब इसके पीछे की वजह क्या है। इस पहल का मकसद क्लासरूम की पढ़ाई को असल दुनिया की घटनाओं से जोड़कर छात्रों (Newspaper Reading) की सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाना है। इस अपर फैसला पिछले दिनों लिया गया था, जिसे अब अलगू कर दिया गया है।

छात्रों का होगा बौद्धिक विकास

निर्देश के तहत छात्र सुबह की सभा में अखबार पढ़ेंगे और मुख्य खबरों पर चर्चा करेंगे। शिक्षक उन्हें इन रिपोर्टों का विश्लेषण करने में मदद करेंगे जिससे छात्रों की शब्दावली, समझ और तार्किक सोच में सुधार होगा। बच्चों को अखबारों से सीखे गए कम से कम पांच नए शब्द साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे यह गतिविधि इंटरैक्टिव और शैक्षिक दोनों बनेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस पहल का मकसद छात्रों में बौद्धिक विकास और मौजूदा मामलों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। नियमित रूप से अखबार पढ़ने से पढ़ने की आदत, विश्लेषणात्मक कौशल, अभिव्यक्ति और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा मिलेगा।

एक सार्थक शैक्षिक प्रयास

Reading newspapers mandatory for students: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने X पर एक पोस्ट में कहा, स्कूल की सभा प्रार्थना सभाओं के दौरान नियमित रूप से अखबार पढ़ने की व्यवस्था की जाएगी। छात्र मुख्य समाचारों को जोर से पढ़ेंगे जिससे उन्हें मौजूदा घटनाओं से परिचित होने में मदद मिलेगी और साथ ही उनकी भाषा की समझ और सोचने की क्षमता भी बढ़ेगी। यह पहल बच्चों में पढ़ने की रुचि, तार्किक सोच, अभिव्यक्ति कौशल और जागरूक नागरिकता के मूल्यों को विकसित करने के उद्देश्य से एक सार्थक शैक्षिक प्रयास है।

यह फैसले भी लिया गया

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि कक्षा 9 और 12 के छात्रों को सप्ताह में एक बार महत्वपूर्ण विषयों पर संपादकीय लिखने और कक्षा में समूह चर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्हें सामाजिक मुद्दों और विकास से संबंधित समाचारों को भी पढ़ना और उन पर चर्चा करनी चाहिए, जिससे उन्हें समाज से मज़बूत जुड़ाव बनाने और ज़िम्मेदार नागरिक बनने में मदद मिलेगी। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को विज्ञान, पर्यावरण और खेल पर समाचारों की कटिंग से स्क्रैपबुक बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, छात्रों की तार्किक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अखबारों में प्रकाशित सुडोकू, क्रॉसवर्ड पहेलियां और जानकारीपूर्ण क्विज को हल करने के लिए साप्ताहिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

Reading newspapers mandatory for students: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को स्कूलों में सुचारू रूप से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अखबार सरकार के खर्च पर उपलब्ध कराए जाएंगे, और शिक्षक प्रेरणादायक कहानियों और महत्वपूर्ण घटनाओं पर चर्चा का नेतृत्व करेंगे, जिससे छात्रों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, शैक्षिक कमियों को दूर किया जा सके।

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. यूपी सरकार ने स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य क्यों किया?

👉 छात्रों की सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और तार्किक सोच विकसित करने के उद्देश्य से फैसला लिया।

Q2. किन कक्षाओं के छात्रों पर यह नियम लागू होगा?

👉 कक्षा 6 से 12 तक के सभी सरकारी स्कूल छात्रों पर यह नियम लागू होगा।

Q3. क्या अखबार छात्रों को खुद खरीदने होंगे?

👉 नहीं, अखबार सरकार के खर्च पर स्कूलों में छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे।