उप्र: मथुरा समेत कई जिलों में धूमधाम से मनायी गयी राम नवमी

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उप्र: मथुरा समेत कई जिलों में धूमधाम से मनायी गयी राम नवमी

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 07:08 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 07:08 PM IST

मथुरा/वाराणसी/हापुड़ (उप्र), 27 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा और वाराणसी समेत कई जिलों के प्रमुख मंदिरों में शुक्रवार को राम नवमी धूमधाम से मनायी गयी।

वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्री राम की मूर्ति की आरती उतार कर विश्व शांति का संदेश दिया। व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में ठाकुर जी का महाभिषेक भगवान राम के रूप में किया गया।

मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया, “यह गोस्वामी तुलसीदास की भावनाओं को ताजा करने के लिए किया गया, जब वह ब्रज भूमि गए थे और उन्हें श्री राम कहीं नहीं मिले थे।’’

तब, दुखी तुलसीदास ने कहा था,‘‘कहा कहौ छवि आज की भले बने हो नाथ, तुलसी मस्तक तब नवै, धनुष बाण लेउ हाथ।”

तिवारी ने बताया कि कहा जाता है कि तुलसीदास की करुणामयी प्रार्थना सुनकर भगवान कृष्ण गोस्वामी तुलसीदास के सामने भगवान श्रीराम के रूप में प्रकट हुए।

वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर के एक पदाधिकारी ने बताया कि इस मंदिर के लिए यह विशेष दिन है, क्योंकि 20 वर्ष पूर्व राम नवमी के दिन ही राधा वृंदावन चंद्र की स्थापना की गई थी।

रामचरितमानस का पाठ आज मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान में संपन्न हुआ।

श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवत भवन में मंत्रोच्चार के बीच राम सीता मंदिर में विधिपूर्वक भगवान राम का महाभिषेक किया गया।

उन्होंने बताया कि ठाकुर केशव देव जी आज भगवान श्री राम के रूप में भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हैं।

मथुरा के ऐतिहासिक बिरला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस मंदिर में भी राम जन्मोत्सव मनाया गया। उन्होंने बताया कि मंदिर में आज सुबह यज्ञ और पाठ का आयोजन किया गया।

वाराणसी में रामनवमी के अवसर पर राम मंदिरों और देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया। श्री राम मंदिरों में रामायण पाठ सुंदरकांड सहित कई धार्मिक अनुष्ठान सुबह से ही किये गए और देवी मंदिरों में कन्या पूजन और यज्ञ कर नवरात्र का पारन किया गया।

नागरिक संघ की ओर से राजेंद्र प्रसाद घाट पर श्री राम की आरती की गई। नागरिक संघ के सदस्यों ने बताया कि इस दौरान कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां भी दी।

इसके साथ ही वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्री राम की मूर्ति की आरती उतार कर विश्व शांति का संदेश दिया।

विशाल भारत संस्थान एवं मुस्लिम महिला फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में रामनवमी के अवसर पर हिंदू एवं मुस्लिम महिलाओं ने मिलकर भगवान श्री राम और माता जानकी की मूर्तियों की आरती उतारी।

मुस्लिम महिला नेता डॉक्टर नजमा प्रवीण ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने इस दौरान उर्दू में लिखी राम आरती को पढ़कर भगवान श्री राम से प्रार्थना की। नजमा प्रवीण ने कहा कि यदि मुस्लिम देश भगवान राम के रास्ते पर चले तो उनके देश में शांति आएगी और युद्ध रुक जाएगा।

उन्होंने कहा कि विश्व शांति और समृद्धि के लिए भारत की महान संस्कृति ही एकमात्र रास्ता है , और यह भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही संभव है।

हाथरस जिले के सहपऊ कस्बा में चैत्र नवरात्र में रामलीला मंचन की परंपरा है और इसी क्रम में यहां दशमी को रावण का दहन होता है। करीब 180 वर्ष से अधिक समय से यहां इस परम्परा का निर्वहन हो रहा है।

देश-दुनिया में दशहरे से पूर्व रामलीला का मंचन होने तथा विजयदशमी के दिन रावण, मेघनाथ, कुंभकरण आदि के पुतलों का दहन होने की परंपरा धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन हाथरस जिले के कस्बा सहपऊ में यह परंपरा चैत्र नवरात्र में मनाई जाती है। इसी कारण कस्बा में इन दिनों दशहरे जैसा माहौल है।

रामलीला, मेला आयोजन कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार 28 मार्च, शनिवार को हनुमान टीला पर रावण के पुतले का दहन होगा।

भाषा सं, आनन्द

राजकुमार

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