देवरिया, 23 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में देवरिया-बेलडांड़ मार्ग स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में कथित तौर पर एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने संस्था के संचालक और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
मृतक के परिजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे पोस्टमार्टम के बाद शव नहीं ले जाएंगे। इसके बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, इसलिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक के समझाने पर परिजन मान गए और शव लेकर घर चले गए।
पुलिस के अनुसार, मृतक सुरेश यादव (38) कोतवाली क्षेत्र के तिलई बेलवा गांव का निवासी था। वह शराब का आदी था और नशे की लत से परेशान होकर परिजनों ने कुछ दिन पहले ही उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार रात सुरेश ने पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से फोन पर बात कर बताया था कि वह ठीक है। इसके कुछ देर बाद ही केंद्र के कर्मचारियों ने सूचना दी कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है और हालत गंभीर है। जब परिजन रात में केंद्र पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी।
देवरिया कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों का आरोप है कि मृतक की पीठ, दोनों हाथों और पैरों पर रस्सी से बांधे जाने के निशान थे। पीठ पर चोट के निशान भी पाए गए हैं।
इस संबंध में देवरिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण विसरा सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत