उप्र: किशोरी से बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा

उप्र: किशोरी से बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा

उप्र: किशोरी से बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा
Modified Date: March 25, 2026 / 12:28 pm IST
Published Date: March 25, 2026 12:28 pm IST

कुशीनगर (उप्र), 25 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की एक अदालत ने 2020 में नाबालिग लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

विशेष लोक अभियोजक फूलबदन व अजय गुप्त ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को दोषी पर 4.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि इस राशि का आधा हिस्सा पीड़ित के अभिभावक को दिया जाए।

पीड़िता के पिता ने 27 नवंबर, 2020 को तुर्कपत्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी शाम साढ़े पांच बजे खेत से साइकिल पर अनाज लेकर चली थी लेकिन घर नहीं लौटी। उन्होंने बताया कि जब वह उसकी तलाश में खेत की ओर गए तो रास्ते में उसकी साइकिल गिरी मिली। आसपास तलाश करने पर उनकी बेटी का खून से लथपथ शव मिला। मौके पर एक चप्पल भी पाया गया।

बाद में पोस्टमार्टम जांच से नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामले में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में तब अहम सफलता मिली जब एक खोजी कुत्ते ने पुलिस को अपराध स्थल से सीधे पड़ोसी गांव गुरवलिया टोला के देवीपुर में आरोपी माईगर मद्धेशिया के घर तक पहुंचा दिया।

माईगर घर पर मौजूद नहीं था और उसके बुजुर्ग मां-बांप उसके बारे में जानकारी नहीं दे सके। पुलिस ने बाद में उसे उसके रिश्तेदार के यहां से पकड़ा।

पूछताछ के दौरान माईगर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के नजदीक खेत से धारदार हथियार, वह घटना के समय पहना हुआ कपड़ा बरामद किया। कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए।

सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने माईगर को नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या का दोषी पाया।

अदालत ने कहा कि माईगर ने एक किशोरी का जीवन समाप्त कर दिया जिसने अपने जीवन की अभी शुरुआत ही की थी।

अदालत ने कहा कि इस तरह के अमानवीय कृत्य की सभ्य समाज में कल्पना नहीं की जा सकती और ऐसा करने वाला कठोर दंड का भागी है।

अदालत ने हालांकि मामले में दूसरे आरोपी रामचंद्र को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

भाषा सं जफर शोभना सुरभि

सुरभि


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