उप्र: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ परिक्षेत्र में चार अस्थायी थाने, 58 पुलिस चौकियां स्थापित

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उप्र: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ परिक्षेत्र में चार अस्थायी थाने, 58 पुलिस चौकियां स्थापित

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 04:59 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 04:59 PM IST

मेरठ, 26 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उन्हें त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में चार अस्थायी थाने व 58 अस्थायी चौकियां स्थापित की गई हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष श्रावण मास शुरू होने से चार दिन पहले ही इन व्यवस्थाओं को सक्रिय कर दिया गया है।

मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ मार्गों और मेला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन, आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया तथा श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन अस्थायी थानों व चौकियों की स्थापना की गई है।

उन्होंने बताया कि मेरठ जिले में एक अस्थायी थाना व नौ चौकियां, बुलंदशहर में एक थाना व 17 चौकियां, बागपत में एक थाना व 11 चौकियां तथा हापुड़ में एक थाना व 21 चौकियां स्थापित की गई हैं।

अधिकारी ने बताया कि इन सभी स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अस्थायी थानों और चौकियों को श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाए।

नैथानी ने बताया कि प्रत्येक इकाई पर एक क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को मार्ग और आसपास उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने सभी चौकियों पर सहायता केंद्र और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

नैथानी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अनुशासित रहते हुए प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने, श्रद्धालुओं के साथ शिष्ट व्यवहार बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर बीमार या घायल शिवभक्तों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने व उन्हें अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए।

अधिकारियों के अनुसार, सभी अस्थायी थानों और चौकियों का जीपीएस समन्वयांक (कोऑर्डिनेट्स) के साथ चिन्हांकन किया गया है, ताकि नियंत्रण कक्ष व वरिष्ठ अधिकारी उनकी प्रभावी निगरानी कर सकें।

उन्होंने बताया कि इन सभी स्थानों पर संचार व्यवस्था, पेयजल, बिजली, प्रकाश, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

भाषा सं सलीम जितेंद्र

जितेंद्र