गोरखपुर (उप्र), 31 जुलाई (भाषा) दुष्कर्म और हत्या की शिकार 10 वर्षीय बच्ची की बृहस्पतिवार शाम अंत्येष्टि के महज तीन घंटे बाद उसकी मां ने बेटे को जन्म दिया।
परिजनों ने रुंधे गले से कहा कि बच्ची राखी बांधने के लिए अक्सर एक भाई की इच्छा अपनी मां से व्यक्त करती थी, लेकिन दुख इस बात का है कि बच्ची के जाने के बाद उसका भाई आया।
पुलिस ने कहा कि आरोपी कांस्टेबल अभिषेक यादव (35) ने 28 जुलाई को बच्ची का जिला अस्पताल से अपहरण किया था। आरोप है कि वह उसे शहर के बाहर एक श्मशान घाट पर ले गया, उससे दुष्कर्म किया और पीछे से उसका हाथ बांधकर नदी में फेंक दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के शव पर कई जगह चोटें थी और डूबने से उसकी मृत्यु हुई।
मूलरूप से आजमगढ़ का रहने वाला बच्ची का परिवार पिछले चार साल से गोरखपुर में रह रहा था। बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को खाना पहुंचाने गई थी। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कांस्टेबल उस बच्ची से मिला और उसे मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गया।
पुलिस ने वाहन के नंबर के जरिए आरोपी की पहचान करने से पूर्व करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आरोपी को 29 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और उसने पूछताछ में कथित तौर पर अपराध स्वीकार किया। पीड़िता का शव आरोपी की निशानदेही पर करीब 36 घंटे बाद बरामद किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डाक्टर कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून और अन्य कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्यवाही भी शुरू की जा रही है।
भाषा सं राजेंद्र आशीष
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