Rishikesh LPG Cylinder Shortage: “हमें कोयले और लकड़ी पर निर्भर रहना होगा”.. भारत के इस सबसे मशहूर टूरिस्ट प्लेस में गहराया LPG सिलेंडर का संकट, पेशोपेश में रेस्तरां व्यवसाई

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Rishikesh LPG Cylinder Shortage: ऋषिकेश में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी से होटल-ढाबे प्रभावित, व्यवसायी कोयला-लकड़ी पर निर्भर, पर्यटन पर संकट गहराया।

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 10:35 AM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 10:35 AM IST

Rishikesh LPG Cylinder Shortage || Image- ANI New File

HIGHLIGHTS
  • ऋषिकेश में एलपीजी संकट गहराया
  • होटल-ढाबे कोयला-लकड़ी पर निर्भर
  • पर्यटन और व्यवसाय पर बड़ा असर

ऋषिकेश: भारत के सबसे पवित्र स्थानों में से एक, योगनगरी ऋषिकेश में भी एलपीजी का संकट गहराता जा रहा है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी के कारण कई होटलों और ढाबों में व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप्प पड़ गई है। (Rishikesh LPG Cylinder Shortage) स्थानीय मालिकों ने कहा कि इस कमी के कारण कई दुकानें को या तो अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है या ग्राहकों को सेवा देना जारी रखने के लिए कोयला और लकड़ी की तरफ वापस लौटना पड़ रहा है।

सरकार का दावा उजागर, कमी बरकरार

रेस्तरां मालिकों की यह समस्या सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ़ उजागर करते हुए। जहां सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि, देश में ईंधन की कोई समस्या नहीं है और हर आम-खास तक एलपीजी सिलेंडर बिना रुकावट के पहुंच रहा है।

शुद्ध वैष्णो भोजनालय के मालिक विवेक तिवारी ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी को बताया, “गैस से जुड़ी कई समस्याएं हैं। सरकार का कहना है कि गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन हमें अपनी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त गैस नहीं मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा कि यह समय पर्यटन का है और एलपीजी की समस्या उनके पर्यटकों, व्यवसाय को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा, “ऋषिकेश चार धाम का मुख्य प्रवेश द्वार है। आप देख सकते हैं कि ऋषिकेश के रेस्तरां बंद हो गए हैं। हमें पुराने दिनों की तरह कोयले और लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। एजेंसी मालिकों, सरकार और गैस कंपनियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों के संबंध में नीति स्पष्ट होनी चाहिए।”

ब्लैक में सिलेंडर के दाम आसमान पर

सिलेंडर की रेग्युलर सप्लाई नहीं होने से परेशान ऋषिकेश के एक दूसरे ढाबा मालिक सुरेश ने कहा, “हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि गैस सिलेंडर महंगे होते जा रहे हैं। अगर कोई कालाबाजारी में बेच रहा है, तो वे 2,500 रुपये वसूल रहे हैं। एजेंसी में भी स्थिति खराब है। वे कहते हैं कि गैस तभी मिलेगी जब हमने पहले से बुकिंग कराई हो। हमें बहुत नुकसान हो रहा है।”

बता दें कि, बढ़ती मांग को पूरा करने और सप्लाई चैन को बनाए रखने के प्रयास में, उत्तराखंड सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी वितरण के लिए एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य को व्यावसायिक एलपीजी के लिए अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है। केंद्र से प्राप्त 20 प्रतिशत आवंटन के साथ कुल उपलब्धता 40 प्रतिशत से बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई है। नई मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उद्देश्य पर्यटन, चार धाम यात्रा और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कमी को रोकने के लिए पारदर्शी और प्राथमिकता-आधारित वितरण सुनिश्चित करना है।

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Q1. ऋषिकेश में एलपीजी की कमी क्यों हो रही है?

उत्तर: बढ़ती मांग, आपूर्ति बाधाएं और वितरण समस्याओं के कारण एलपीजी की कमी बढ़ती जा रही है।

Q2. एलपीजी संकट का सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ा है?

उत्तर: होटल, ढाबा और रेस्तरां व्यवसाय सबसे अधिक प्रभावित, पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

Q3. सरकार इस समस्या को हल करने के लिए क्या कर रही है?

उत्तर: सरकार ने नया एसओपी लागू कर आपूर्ति बढ़ाने और प्राथमिकता वितरण सुनिश्चित करने की कोशिश की है।