Rishikesh LPG Cylinder Shortage || Image- ANI New File
ऋषिकेश: भारत के सबसे पवित्र स्थानों में से एक, योगनगरी ऋषिकेश में भी एलपीजी का संकट गहराता जा रहा है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी के कारण कई होटलों और ढाबों में व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप्प पड़ गई है। (Rishikesh LPG Cylinder Shortage) स्थानीय मालिकों ने कहा कि इस कमी के कारण कई दुकानें को या तो अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है या ग्राहकों को सेवा देना जारी रखने के लिए कोयला और लकड़ी की तरफ वापस लौटना पड़ रहा है।
रेस्तरां मालिकों की यह समस्या सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ़ उजागर करते हुए। जहां सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि, देश में ईंधन की कोई समस्या नहीं है और हर आम-खास तक एलपीजी सिलेंडर बिना रुकावट के पहुंच रहा है।
शुद्ध वैष्णो भोजनालय के मालिक विवेक तिवारी ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी को बताया, “गैस से जुड़ी कई समस्याएं हैं। सरकार का कहना है कि गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन हमें अपनी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त गैस नहीं मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा कि यह समय पर्यटन का है और एलपीजी की समस्या उनके पर्यटकों, व्यवसाय को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा, “ऋषिकेश चार धाम का मुख्य प्रवेश द्वार है। आप देख सकते हैं कि ऋषिकेश के रेस्तरां बंद हो गए हैं। हमें पुराने दिनों की तरह कोयले और लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। एजेंसी मालिकों, सरकार और गैस कंपनियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों के संबंध में नीति स्पष्ट होनी चाहिए।”
#WATCH | Rishikesh, Uttarakhand: Residents, hotels, and dhaba owners in Rishikesh are currently facing a severe shortage of commercial LPG cylinders, which has led to operational disruptions.
Vivek Tiwari, owner of Tiwari Shudh Vaishno Bhojnalay says, “There are a lot of… pic.twitter.com/lvdStYWEr0
— ANI (@ANI) April 3, 2026
सिलेंडर की रेग्युलर सप्लाई नहीं होने से परेशान ऋषिकेश के एक दूसरे ढाबा मालिक सुरेश ने कहा, “हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि गैस सिलेंडर महंगे होते जा रहे हैं। अगर कोई कालाबाजारी में बेच रहा है, तो वे 2,500 रुपये वसूल रहे हैं। एजेंसी में भी स्थिति खराब है। वे कहते हैं कि गैस तभी मिलेगी जब हमने पहले से बुकिंग कराई हो। हमें बहुत नुकसान हो रहा है।”
बता दें कि, बढ़ती मांग को पूरा करने और सप्लाई चैन को बनाए रखने के प्रयास में, उत्तराखंड सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी वितरण के लिए एक संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य को व्यावसायिक एलपीजी के लिए अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है। केंद्र से प्राप्त 20 प्रतिशत आवंटन के साथ कुल उपलब्धता 40 प्रतिशत से बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई है। नई मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उद्देश्य पर्यटन, चार धाम यात्रा और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कमी को रोकने के लिए पारदर्शी और प्राथमिकता-आधारित वितरण सुनिश्चित करना है।