Uttarakhand News: धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, कुंभ से पहले गंगा कॉरिडोर और घाटों का होगा सौंदर्यीकरण, धामी सरकार ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

Ads

Uttarakhand News: धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, कुंभ से पहले गंगा कॉरिडोर और घाटों का होगा सौंदर्यीकरण, धामी सरकार ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

  •  
  • Publish Date - April 9, 2026 / 10:51 AM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 10:51 AM IST

Uttarakhand News | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • हरिद्वार, ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर परियोजनाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश
  • छह माह में परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति दिखाने का लक्ष्य
  • धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर

देहरादून: Uttarakhand News मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक के दौरान राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर तथा ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

Uttarakhand News मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने और कार्यों के सरलीकरण पर विशेष बल दिया, ताकि परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं के तहत कार्यों की वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए तथा तय समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शारदा कॉरिडोर योजना के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ ही इस क्षेत्र की भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशीलता का भी अध्ययन करने तथा सुरक्षात्मक उपायों की प्राथमिकता पर ध्यान दिए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट के विकास तथा घाटों के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र में आनेवाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता के साथ हरिद्वार एवं ऋषिकेश के घाटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके और उत्तराखण्ड को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा और गंगा कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा श्रद्धालुओं को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं में अलग-अलग डिजाइन पर कार्य किये जाएंगे। शारदा कॉरिडोर के तहत बुनियादी ढांचे, पर्यटन और लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने से संबधित अनेक कार्य किए जाएंगे।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव अजय मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

इन्हें भी पढ़े:-

यूआईआईडीबी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

निवेश को बढ़ावा देना और राज्य की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना।

किन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है?

हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर।

मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की प्रगति के लिए क्या निर्देश दिए?

छह माह में वास्तविक प्रगति दिखाने और स्पष्ट टाइमलाइन तय करने के निर्देश।