ईरान पर हवाई हमलों ने मचाई भारी तबाही, तेहरान ने इजराइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया

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ईरान पर हवाई हमलों ने मचाई भारी तबाही, तेहरान ने इजराइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 07:37 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 07:37 PM IST

दुबई, 24 मार्च (एपी) ईरान पर मंगलवार को किए गए हवाई हमलों ने राजधानी तेहरान में भारी तबाही मचाई, लेकिन ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने भी इजराइल के तेल अवीव और पश्चिम एशिया के कई ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए इस्लामिक गणराज्य के साथ बातचीत कर रहा है।

हजारों और अमेरिकी मरीन सैनिकों के खाड़ी क्षेत्र की ओर रवाना होने, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर तीव्र हमला जारी रहने और ईरान द्वारा किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार करने के बीच युद्ध तेज होता दिखा।

हालांकि, इसके एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान को दी गई वह समय सीमा भी आगे बढ़ा दी, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोलने पर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को हवाई हमलों में निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी।

इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान के नियंत्रण ने वैश्विक स्तर पर माल के परिवहन को बाधित कर दिया है, ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वार्ता (जिसका मंगलवार को होना बेहद अनिश्चित दिखा) को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

वाशिंगटन के बदलते उद्देश्यों को अब भी हासिल करना मुश्किल है खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में।

इस बीच, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान सरकार में किसके पास बातचीत करने का अधिकार होगा—या कौन बातचीत करने को तैयार होगा, विशेष रूप से तब, जब इजराइल ने ईरान के कई नेताओं को मारने के बाद उसके अन्य नेताओं को खत्म करना जारी रखने का संकल्प लिया है।

ईरान में अमेरिका को लेकर अत्यधिक संशय है, जिसने ट्रंप प्रशासन के तहत दो बार उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता के दौरान हमले किए हैं, जिनमें 28 फरवरी के वे हमले भी शामिल हैं, जिससे मौजूदा युद्ध शुरू हुआ था।

गहरे अविश्वास के बीच बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेत मिले रहे हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबर को ‘फर्जी खबर’ बताया, वहीं अराघची के कार्यालय ने स्वीकार किया कि विदेश मंत्री ने इस सप्ताह अजरबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और तुर्कमेनिस्तान के अपने समकक्षों के साथ युद्ध के बारे में बातचीत की है।

बातचीत की चर्चा से तेल की कीमतों में थोड़े समय के लिए गिरावट आई और बाजार में तेजी आई। लेकिन यह राहत अल्पकालिक रही, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।

ईरान के नेता वाशिंगटन के इरादों को लेकर आशंकित हैं, क्योंकि तेहरान मौजूदा युद्ध शुरू करने वाले अचानक किये गए हमले से पहले अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था। पिछले साल भी ईरान बातचीत कर रहा था, जब अमेरिका और इजराइल ने उसके परमाणु संयंत्रों पर हमला किया था।

ईरान ने मंगलवार को एक ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर को देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव नियुक्त किया, जिन्होंने हवाई हमले में मारे गए अली लारीजानी की जगह ली। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने नए सचिव की पहचान मोहम्मद बागेर जोलघाद्र के रूप में की है, जो गार्ड में ब्रिगेडियर जनरल थे।

ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब हजारों मरीन सैनिकों का एक दल क्षेत्र की ओर रवाना हो रहा है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है, जो देश के तेल नेटवर्क के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अमेरिका ने एक सप्ताह से अधिक समय पहले फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप पर बमबारी की थी, जिससे इसकी रक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा था, लेकिन उसने कहा था कि तेल बुनियादी ढांचा सुरक्षित है।

ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका सेना उतारने की तैयारी में है, तो वह फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देगा। इससे जमीन और समुद्र से किए जाने वाले हमले में जटिलता आएगी और क्षेत्र में सभी जहाजों का आवागमन भी खतरे में पड़ जाएगा।

न्यूयॉर्क स्थित ‘थिंक टैंक’ सूफान सेंटर ने एक विश्लेषण में लिखा है कि ट्रंप ने कहा कि वार्ता जारी रहने तक वह ईरान के बिजली केंद्रों पर बमबारी की धमकी को स्थगित रखेंगे – यह देरी संभवतः शुक्रवार को क्षेत्र में अमेरिकी मरीन सैनिकों के आगमन के साथ मेल खाने के लिए की गई है।

तेहरान पर हवाई हमले के जवाब में ईरान ने मंगलवार तड़के इजराइल पर मिसाइलें दागीं। तेल अवीव में 100 किलोग्राम आयुध ले जाने में सक्षम एक मिसाइल इजराइली रक्षा प्रणाली को भेदते हुए शहर के मध्य में एक सड़क पर जा गिरी। इससे पास की एक इमारत की खिड़कियां टूट गईं और धुआं उठने लगा।

मिसाइल गिरने के कुछ मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंचने के बाद बचाव कार्य में जुटे कर्मी योएल मोशे ने पत्रकारों को बताया, ‘‘हमने तबाही, धुआं और अफरा-तफरी देखी।’’ उन्होंने कहा कि चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।

आश्रय स्थल से बाहर निकलते हुए अमीर हसीद ने कहा कि उन्हें लगा था कि स्थिति इससे कहीं अधिक भयावह होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है जैसे आप एक (आसान) निशाना हैं, आप खुद पर या अपने बगल में किसी पर मिसाइलों के गिरने का इंतजार कर रहे हैं।’’

कुवैत में, हवाई रक्षा प्रणाली के छर्रों से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कई घंटों तक आंशिक बिजली कटौती हुई।

बहरीन में मिसाइल को लेकर अलर्ट सायरन बजे और सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत को निशाना बना रहे 19 ईरानी ड्रोन को नष्ट कर दिया।

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम पर विचार करने के बावजूद ईरान और लेबनान पर इजराइल हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभी और हमले होंगे।’’

मंगलवार को इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की और कहा कि वह ईरान से जुड़े हिजबुल्ला आतंकवादी समूह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा था।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजधानी के दक्षिण-पूर्व में एक आवासीय अपार्टमेंट पर हुए हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्ची भी शामिल थी जबकि दक्षिण में पांच अन्य लोग भी मारे गए।

इस बीच, लेबनान ने ईरान के राजदूत को रविवार तक देश छोड़ने का आदेश दिया और उन्हें अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।

अधिकारियों का कहना है कि इजराइली हमलों में लेबनान में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इस बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संघर्ष में मरने वाले उसके नागरिकों की संख्या बढ़कर 1,500 से अधिक हो गई है, वहीं ईरानी हमले में इजराइल में 15 लोग मारे गए हैं, जबकि 13 अमेरिकी सैन्य कर्मी भी मारे गए हैं।

एपी

संतोष दिलीप

दिलीप