राजस्व वृद्धि की संभावनाओं में सीईओ का भरोसा घटा, अधिकतर को एआई से लाभ नहीं मिला: पीडब्ल्यूसी सर्वे

राजस्व वृद्धि की संभावनाओं में सीईओ का भरोसा घटा, अधिकतर को एआई से लाभ नहीं मिला: पीडब्ल्यूसी सर्वे

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 12:54 AM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 12:54 AM IST

(बरुण झा)

दावोस, 19 जनवरी (भाषा) कंपनियों को ऑडिट, कर, परामर्श और कानूनी सेवाएं प्रदान करने वाली वैश्विक पेशेवर सेवा नेटवर्क पीडब्ल्यूसी (प्राइसवाटरहाउसकूपर्स) द्वारा सोमवार को जारी एक वार्षिक सर्वेक्षण से पता चला है कि सीईओ अपनी कंपनियों की निकट भविष्य की राजस्व वृद्धि क्षमता को लेकर कम आश्वस्त हैं और उनमें से अधिकतर को अब तक ‘एआई’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) में निवेश पर वित्तीय लाभ नहीं मिला है।

यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के पहले दिन अपना 29वां वैश्विक सीईओ सर्वेक्षण जारी करते हुए पीडब्ल्यूसी ने कहा कि सीईओ आने वाले वर्ष में चुनौतियों से घिरी दुनिया देख रहे हैं।

दुनिया के 95 देशों और क्षेत्रों के 4,454 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ)की प्रतिक्रियाओं पर आधारित सर्वेक्षण से पता चला है कि वे अपनी कंपनियों के अल्पकालिक विकास दृष्टिकोण को लेकर बेहद कम आश्वस्त हैं और व्यापक आर्थिक अस्थिरता, साइबर जोखिम और भू-राजनीतिक संघर्ष सहित कई खतरों के बारे में अधिक चिंतित हैं।

पीडब्ल्यूसी ने कहा कि वे व्यवसाय को नए सिरे से गढ़ने के लिए बहुवर्षीय अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और त्वरित लाभ अक्सर न मिलने के बावजूद सीईओ एआई में निवेश को आगे बढ़ा रहे हैं।

सर्वेक्षण में कहा गया, ‘‘वे नवाचार को प्राथमिकता दे रहे हैं और कई कंपनियां नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं क्योंकि वे उद्योगों के पुनर्गठन की दिशा में अग्रसर हैं जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार दे रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन आयामों पर तेजी से आगे बढ़ रहे सीईओ अपने समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।’’

हालांकि, लगभग एक तिहाई (30 प्रतिशत) ने पिछले 12 महीनों में एआई से राजस्व में वृद्धि की सूचना दी और एक चौथाई (26 प्रतिशत) कम लागत देख रहे हैं, आधे से अधिक (56 प्रतिशत) ने कहा कि उन्हें न तो राजस्व और न ही लागत लाभ प्राप्त हुआ है।

सर्वेक्षण के अनुसार, 40 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि उनकी कंपनियों ने पिछले पांच वर्षों में नए क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर दिया है।

अगले तीन वर्षों में बड़े अधिग्रहण की योजना बनाने वालों में 10 में से चार ने अन्य क्षेत्रों या उद्योगों में सौदे की उम्मीद जताई है।

भाषा सुरभि नेत्रपाल

नेत्रपाल