कोविड-19 टीके की पहली खुराक के बाद 65 प्रतिशत तक कम हो जाता है खतरा

कोविड-19 टीके की पहली खुराक के बाद 65 प्रतिशत तक कम हो जाता है खतरा

कोविड-19 टीके की पहली खुराक के बाद 65 प्रतिशत तक कम हो जाता है खतरा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: April 23, 2021 10:41 am IST

लंदन, 23 अप्रैल (एपी) आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अतिरिक्त आंकड़े जारी किए हैं जिनसे पुष्टि होती है कि फाइजर-बायोएनटेक और एस्ट्राजेनेका दोनों कंपनियों द्वारा विकसित कोविड-19 टीके की पहली खुराक लेने के बाद ही संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

अध्ययनकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रकाशित अपने अनुसंधान में कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम करने की क्षमता को लेकर टीकों में कुछ खास अंतर नहीं है।

यह अध्ययन अभी तक किसी प्रतिष्ठित समीक्षा पत्रिका में प्रकाशित नहीं हुआ है लेकिन यह दिसंबर से अप्रैल के बीच इंग्लैंड और वेल्स में 3,70,000 से ज्यादा लोगों की नाक और गले के स्वाब के नमूनों के विश्लेषण पर आधारित है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि फाइजर-बायोएनटेक या एस्ट्राजेनेका दोनों में से किसी भी टीके का पहली खुराक लगवाने के तीन सप्ताह बाद लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा 65 प्रतिशत तक कम हो गया। वहीं दूसरी खुराक लेने के बाद खतरा और भी काफी कम हो गया साथ ही यह टीके सबसे पहले ब्रिटेन में पहचाने गए वायरस के नये स्वरूप के खिलाफ भी प्रभावी है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर कोएन पॉवेल्स ने कहा कि कुछ उदाहरण है जहां टीका लगने के बाद भी उस व्यक्ति को संक्रमण हो गया है और टीका लगवा चुके लोगों से भी सीमित संख्या में संक्रमण फैलने की भी घटना हुई है।

पॉवेल्स ने एक बयान में कहा, ‘‘इससे स्पष्ट है कि लोगों को संक्रमण फैलने के खतरे को कम करने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए, मास्क लगाएं और दो गज की दूरी बनाए रखें।’’

एपी अर्पणा शाहिद

शाहिद


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