Govt Employees Working Day | Photo Credit: IBC24
नई दिल्ली: Govt Employees Working Day ईरान-इजराइल के बीच जारी भीषण जंग ने जहां पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। इस संघर्ष का असर अब दूसरे इलाकों में भी दिखने लगा है। इसी बीच श्रीलंका सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही काम करेंगे। साथ ही सरकार ने हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।
Govt Employees Working Day मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने देश में ईंधन बचाने के लिए ये फैसला लिया है। इस संबंध में श्रीलंका सरकार की सोमवार, 16 मार्च 2026 को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायक की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस बैठक में देश में ईंधन बचाने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। साथ ही सभी सरकारी स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अदालतों को भी बुधवार के दिन बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार ने निजी क्षेत्र से भी अपील की है कि वे ऊर्जा संरक्षण के इस प्रयास में सहयोग दें और बुधवार को छुट्टी या ‘वर्क फ्रॉम होम’ की नीति अपनाएं
आवश्यक सेवा आयुक्त प्रभात चंद्रकीर्ति ने मीडिया को बताया कि यह फैसला बुधवार, 18 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति, विशेष रूप से ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ के प्रभावित होने से श्रीलंका में ईंधन की भारी कमी होने की आशंका है। जिसको देखते हुए सरकार ने अग्रिम सावधानी बरतते हुए कटौती की है।
हालांकि सरकार ने इस फैसले में चार-दिवसीय कार्य सप्ताह से आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा है। स्वास्थ्य विभाग, बंदरगाह, जल आपूर्ति और सीमा शुल्क (Customs) विभाग पहले की तरह पांच या छह दिन काम करते रहेंगे ताकि जनता को बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न आए।