(तस्वीरों के साथ)
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 11 अप्रैल (भाषा) भारतीय वायु सेना के अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने की साझा प्राथमिकताओं पर अमेरिकी समकक्ष चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केन विल्सबैक के साथ यहां चर्चा की।
सिंह का आठ अप्रैल को यहां जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में पूरे सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। भारतीय वायुसेनाध्यक्ष ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान पेंटागन में वायु सेना मामलों के मंत्री ट्रॉय मींक और विल्सबैक से मुलाकात की।
अधिकारियों ने बताया कि वाशिंगटन में अपनी व्यस्तताओं के अलावा, सिंह ने कोलोराडो में पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का दौरा किया, जहां उन्हें उत्तरी अमेरिका के लिए हवाई आक्रमण चेतावनी प्रणाली, हवाई क्षेत्र नियंत्रण और समुद्री चेतावनी के द्विपक्षीय उत्तरी अमेरिकी हवाई रक्षा कमान मिशन पर केंद्रित जानकारी दी गई।
अमेरिकी वायु सेना (यूएसएएफ) के एक बयान के अनुसार, भारतीय वायु सेना प्रमुख ने नेवादा स्थित नेलिस वायु सेना अड्डे का भी दौरा किया। इस दौरान सिंह को अमेरिकी वायु सेना युद्ध केंद्र में संबंधित जानकारी दी गई और एफ-15ईएक्स ईगल-2 की उड़ान से परिचित कराया गया।
बयान में सिंह के हवाले से कहा गया है, ‘‘इस तरह के अवसर हमारी संयुक्त अंतरसंचालनीयता को विकसित करने और हमारी वायु सेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’
कार्यालय में हुई मुलाकातों के दौरान, अमेरिकी वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने रेखांकित किया कि भारत के साथ रक्षा साझेदारी अमेरिका के लिए बहुत अहम है। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत के नेतृत्व और भागीदारी की प्रशंसा की और रेखांकित किया कि इस तरह के सहयोग को प्राथमिकता देना तथा उसका विस्तार करना क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ाने की कुंजी है।
विल्सबैक ने भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्जियन विमान की खरीद का भी स्वागत किया। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी वायु सेना यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भारतीय सशस्त्र बल आपूर्ति के बाद इस विमान का निर्बाध और प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
विल्सबैक ने भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण प्रयासों को और अधिक समर्थन देने के लिए अमेरिकी वायु सेना की तत्परता पर भी जोर दिया। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग के माध्यम से इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के पारस्परिक लाभों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, ‘ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान की बात है।’’
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश