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Iran Israel War Update: Iran और Israel के बीच जारी तनाव के बीच अब North Korea की ओर से भी बड़ी सैन्य गतिविधि सामने आई है। जानकारी के मुताबिक उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की दिशा में 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब मध्य-पूर्व में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं, इसलिए इस मिसाइल परीक्षण ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी समुद्री इलाके से लॉन्च की गईं और समुद्र की ओर जाकर गिरीं। इस गतिविधि के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पड़ोसी देशों ने भी तुरंत स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया। खास तौर पर सुरक्षा एजेंसियों और सेना को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। इस मिसाइल लॉन्च की पुष्टि South Korea और Japan ने भी की है। दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के संकेत मिले हैं और उनके रास्ते पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से Iran को काफी नुकसान हुआ है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह ईरान के ठिकानों पर और भीषण हमले किए जा सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका की कार्रवाई का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, ताकि वह आगे किसी तरह की आक्रामक गतिविधि न कर सके।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि लगातार हमलों के कारण ईरान की रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हैं कि ईरान के पास हमलों का ठीक से जवाब देने के लिए पर्याप्त रडार सिस्टम भी नहीं बचे हैं। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी हमलों ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर हो गई है। हालांकि इस मामले में ईरान की ओर से अब तक अलग तरह के दावे भी किए जा रहे हैं।
Iran-Israel War Update: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वॉशिंगटन से एक बड़ा ऐलान सामने आया है। अमेरिका ने ईरान के कई शीर्ष नेताओं और सैन्य अधिकारियों पर इनाम घोषित किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के तहत यह घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने मोजतबा समेत कुल 10 ईरानी नेताओं और सैन्य अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर (लगभग 10 मिलियन डॉलर) का इनाम रखा है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियां क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानी जा रही हैं। इस घोषणा के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे अमेरिका की कड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर भी अमेरिका की विदेश नीति को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के मामले में अमेरिका की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। उनका कहना है कि अमेरिका सबसे पहले हिंसा और हत्याओं को रोकना चाहता है और युद्ध में जान गंवा रहे निर्दोष लोगों को बचाना चाहता है। वैंस ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि हालात सामान्य हों और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकें। उनके मुताबिक युद्ध की वजह से दुनिया भर में अस्थिरता बढ़ रही है, इसलिए शांति की दिशा में कदम उठाना जरूरी है। वैंस ने कहा कि यदि इस दिशा में कोई सकारात्मक प्रयास होते हैं तो अमेरिका उनकी सराहना करेगा।
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने लिखा कि उनके निर्देश पर ईरान के खर्ग द्वीप पर शक्तिशाली बमबारी हमले किए गए और वहां मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जानबूझकर द्वीप पर मौजूद तेल टैंकरों को निशाना नहीं बनाया, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता था। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट डालता है तो वह अपने इस फैसले पर दोबारा विचार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लिए बेहतर होगा कि वह समझदारी दिखाए और हथियार डाल दे, ताकि क्षेत्र में तनाव और संघर्ष को रोका जा सके।