मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने हिंद-प्रशांत सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया

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मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने हिंद-प्रशांत सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 08:15 AM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 08:15 AM IST

(तस्वीरों के साथ)

ऑकलैंड, 11 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ वार्ता के दौरान कहा कि भारत और न्यूजीलैंड, दोनों समुद्री राष्ट्र हैं और दोनों के बीच गहरा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नयी मजबूती प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पूरी करने के बाद अपनी तीन देशों की यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और आक्रामक रुख की पृष्ठभूमि में आपसी सहयोग को और मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा करीब 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है।

यह यात्रा हाल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद हो रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक की शुरुआत में अपने संबोधन में कहा, ‘‘दो समुद्री देशों के रूप में हमारा घनिष्ठ सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नयी शक्ति प्रदान करता है और हमारे संबंध शांति के साझा लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों में नयी ऊर्जा भर सकते हैं।’’

मोदी और लक्सन के बीच वार्ता के बाद दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेता द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर सहमत हुए।

उन्होंने 2030 तक सामान और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में काम करने पर सहमति जतायी।

वर्तमान में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.25 अरब अमेरिकी डॉलर का है। मुक्त व्यापार समझौते और लगभग शुल्क-मुक्त कारोबारी माहौल बनने से दोनों देशों के बीच व्यापार में तेज बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है।

दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया है। एफटीए के तहत अगले 15 वर्ष में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रावधान किया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी और लक्सन ने स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव पर भी चिंता व्यक्त की।

न्यूजीलैंड में तीन लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं। वे वहां की राजनीति, अर्थव्यवस्था और व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी