द हेग, 23 जून (एपी) नाइजर औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) से अलग हो गया है। उसने द हेग स्थित इस न्यायिक संस्था पर न्याय में ‘पक्षपात’ करने का आरोप लगाया है।
इस पश्चिम अफ्रीकी देश ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र सौंपा, जिससे न्यायालय की स्थापना संधि ‘रोम संविधि’ से हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पत्र में कहा गया है, ‘यद्यपि इस न्यायालय ने शांति और न्याय के पक्षधरों के मन में बड़ी उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन इसका दुरुपयोग और शोषण किया गया है।’
नाइजर, माली और बुर्किना फासो ने पिछले साल घोषणा की थी कि वे न्यायालय छोड़ देंगे।
नाइजर में 2023 में तख्तापलट के जरिए लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को बेदखल कर दिया गया था, जिसके बाद से वहां के सैन्य शासन (जुंटा) ने अपने पुराने सहयोगियों का साथ छोड़ दिया है और इसके बजाय रूस सहित नए गठबंधन बनाए हैं।
यूक्रेन युद्ध को लेकर आईसीसी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है। माली और बुर्किना फासो में भी इसी तरह के राजनीतिक बदलाव देखे गए हैं।
आईसीसी ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त की है। न्यायालय ने एक बयान में कहा, ‘हम सबसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों में सजा से बचने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के सामूहिक प्रयास से अलग होने के किसी भी फैसले पर खेद व्यक्त करते हैं।’
फिलीपींस और बुरुंडी के बाद आईसीसी छोड़ने वाला नाइजर तीसरा देश बन जाएगा।
उसका यह फैसला पत्र मिलने के 12 महीने बाद प्रभावी होगा, लेकिन आधिकारिक तौर पर अलग होने से पहले हुए किसी भी अपराध पर न्यायालय का अधिकार क्षेत्र बना रहेगा।
एपी सुमित नरेश
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