यरुशलम, 28 फरवरी (एपी) इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार सुबह एक संदेश में कहा कि ईरान पर किए गए हमलों से ईरानियों को ‘‘अपना भाग्य अपने हाथों में लेने’’ का मौका मिलेगा।
नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा अभियान जून में ईरान के खिलाफ इजराइल द्वारा शुरू किए गए 12-दिवसीय भीषण युद्ध की तुलना में ‘‘कहीं अधिक शक्तिशाली’’ होगा।
उन्होंने रिकॉर्ड किए गए संदेश में हिब्रू भाषा में बात की।
उन्होंने कहा, ‘‘इजराइल के मेरे भाइयो और बहनो, नागरिको। कुछ समय पहले, इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से एक अभियान ‘ऑपरेशन लायंस रोर’ शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान में अयातुल्ला शासन से उत्पन्न खतरे को समाप्त करना है।’’
नेतन्याहू ने कहा कि इस समय आईडीएफ दमनकारी शासन के ठिकानों, रिवोल्यूशनरी गार्ड और बासिज के ठिकानों पर हमले कर रहा है, तथा अमेरिका की सेना के साथ मिलकर उन बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को नष्ट कर रहा है, जो इज़राइल और अमेरिकी सेना दोनों के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आवश्यकता पड़ने तक जारी रहेगा।
बयान में कहा गया कि ईरान की क्रूर सरकार 47 वर्षों से इजराइल और अमेरिका की मौत की कामना करती रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसने (ईरान की अयातुल्ला सरकार) अपने देश के नागरिकों को कुचला, इसने क्षेत्र के लोगों में भय पैदा किया, इसने पूरी दुनिया में आतंक का एक विशाल जाल फैलाया, इसने परमाणु बम और हजारों मिसाइलों को विकसित करने के लिए भारी संसाधन लगाए, जिनका उद्देश्य, जैसा कि इसने परिभाषित किया, इजराइल को दुनिया के नक्शे से मिटा देने का है।’’
बयान में कहा गया, ‘‘लेकिन अगर किसी को अयातुल्ला शासन की हत्यारी प्रकृति का और सबूत चाहिए था, तो उन्हें पिछले महीने मिल गया, क्योंकि हम सभी ने देखा कि तेहरान के इस अत्याचारी शासन ने ईरान में अपने ही नागरिकों का अभूतपूर्व सामूहिक नरसंहार किया। इसने हजारों बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों की बेरहमी से हत्या कर दी।’’
इसमें कहा गया कि ईरान में हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया, यातनाएं दी गईं और अपमानित किया गया, और क्यों, सिर्फ इसलिए कि वे स्वतंत्रता एवं सम्मान का जीवन जीना चाहते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘…इसलिए, हमने ‘ऑपरेशन लायंस रोर’ शुरू किया है, जो ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ से कहीं अधिक शक्तिशाली है। ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ भी बहुत शक्तिशाली था। हम यह अभियान अमेरिका में अपने मित्रों के पूर्ण सहयोग से राष्ट्रपति ट्रंप के साहसी नेतृत्व में चला रहे हैं।’’
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘हम अमेरिका के साथ मिलकर आतंक के शासन पर कड़ा प्रहार करेंगे और ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करेंगे जिससे ईरान की बहादुर जनता इस हत्यारे शासन के जुए को उतार फेंक सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन राइजिंग लायन (पिछली बार चलाए गए) के दौरान, मुझसे अक्सर पूछा जाता था कि क्या परमाणु और मिसाइल खतरे को खत्म करने के अलावा, सत्ता का तख्तापलट करना भी इस अभियान का लक्ष्य है। मैंने जवाब दिया कि यह लक्ष्य नहीं था, लेकिन यह निश्चित रूप से परिणाम हो सकता था। और सचमुच, यही होना शुरू हुआ, लाखों ईरानी सड़कों पर उतर आए। और अब, उन्हें अपने भाग्य का नियंत्रण अपने हाथों में लेने का अवसर दिया गया है। इजराइल के नागरिको, ऑपरेशन राइजिंग लायन की तरह ही, ऑपरेशन लायंस रोर में भी हम सभी को धैर्य और लचीलेपन की आवश्यकता है।’’
नेतन्याहू के बयान में कहा गया, ‘‘हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। हर सैन्य कार्रवाई में जोखिम होता है, लेकिन कार्रवाई न करने का जोखिम कहीं अधिक है, क्योंकि अगर हम कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हमें परमाणु शक्ति से लैस ईरान का सामना करना पड़ेगा, एक ऐसा ईरान जिसके पास हजारों मिसाइल होंगी, एक ऐसा ईरान जो हमें नष्ट करने का प्रयास करेगा और हमारी जवाबी कार्रवाई से अप्रभावित रहेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जीवन की चाह रखने वाले लोगों के रूप में, हमारे पास इस अभियान में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, इस बार हम इसे इजराइल देश और अमेरिका की अपार संयुक्त शक्ति के साथ कर रहे हैं।’’
इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं यहाँ से ईरान के नागरिकों को संबोधित करना चाहता हूँ। आप, ईरान के नागरिको, और ईरानी सेना, आरतेश। आप हमारे शत्रु नहीं हैं, और हम आपके शत्रु नहीं हैं। हमारा एक ही शत्रु है, अयातुल्ला का वह हत्यारा शासन जिसने रिवोलयूशनरी गार्ड और बासिज (ईरान का अर्धसैनिक स्वयंसेवी बल) की दमनकारी ताकतों के माध्यम से आप पर नियंत्रण कर लिया है। इन्हीं लोगों ने आपके महान देश को नीचा दिखाया है, उसे सबसे निचले स्तर पर पहुँचाया है, और इन्हीं लोगों ने आपका सामूहिक नरसंहार किया है।’’
एपी
नेत्रपाल सुरेश
सुरेश