(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 23 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान की जानी-मानी मानवाधिकार वकील ईमान जैनब मजारी-हाजिर और उनके अधिवक्ता पति हादी अली चत्था को शुक्रवार को इस्लामाबाद की अदालत में पेशी के लिए जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया।
ईमान और उनके पति विवादास्पद ट्वीट से जुड़े मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश होने के लिए इस्लामाबाद जा रहे थे, जिसके सिलसिले में न्यायाधीश मोहम्मद अफजल माजोका ने 16 जनवरी को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
ईमान की मां डॉ. शिरीन मजारी ने अपनी बेटी और दामाद की गिरफ्तार की पुष्टि की।
शिरीन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार में मानवाधिकार मंत्री थीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईमान और हादी को ‘गिरफ्तार कर लिया गया है तथा अलग-अलग कार में बैठाकर अज्ञात जगहों पर ले जाया गया है।’
शिरीन ने लिखा, ‘‘फासीवाद चरम पर है। सत्ता में बैठे कायर पुरुष इस उपलब्धि से बहुत खुश होंगे!’’ उन्होंने कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें पुलिस के वाहनों को ईमान और हादी की कार का पीछा करते हुए तथा अधिकारियों को कार को रोककर उसके दरवाजे खोलते हुए देखा जा सकता है।
शिरीन ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि पुलिस ने ‘बार के सदस्यों के साथ हिंसा की, जिसमें कार की खिड़कियां तोड़ना आदि शामिल है।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘ऐसा लगता है कि उन्होंने (पुलिसकर्मियों ने) ईमान और हादी के साथ भी हिंसा की।’
गिरफ्तारी से बचने के लिए ईमान और हादी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (आईएचसीबीए) के अध्यक्ष वाजिद अली गिलानी के कार्यालय में लगातार दो रातें बिताईं।
गिरफ्तारी के समय ईमान के साथ मौजूद गिलानी ने दावा किया कि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि अदालत में पेशी के लिए जाते समय दंपति को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
आईएचसीबीए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दंपति के साथ हिंसा की और वाहनों की खिड़कियां तोड़ दीं जिससे ईमान और हादी को कार से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने (आईएचसीबीए) सचिव मंजूर जज्जा को भी धक्का दिया और उनके साथ भी हिंसा की।
गिलानी ने विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘अधिकारियों को दमन बंद करना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो 2007 की तरह का वकीलों का आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।’’
आईएचसीबीए, इस्लामाबाद बार एसोसिएशन (आईबीए) और इस्लामाबाद बार काउंसिल (आईबीसी) ने अलग-अलग बयान जारी कर ईमान और हादी की गिरफ्तारी की निंदा की।
आईएचसीबीए और आईबीए ने शुक्रवार को हड़ताल की घोषणा की, जबकि आईबीसी ने वकीलों से शनिवार को हड़ताल करने का आह्वान किया।
दंपति के खिलाफ एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा यह मामला इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) में 12 अगस्त 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। उन पर पिछले साल 30 अक्टूबर को इस मामले में आरोप तय किए गए थे।
एनसीसीआईए में दर्ज शिकायत में ईमान पर ‘शत्रुतापूर्ण आतंकवादी समूहों और प्रतिबंधित संगठनों से मेल खाने वाले विमर्श का प्रचार करने’, जबकि उनके पति पर उनके कुछ पोस्ट को दोबारा पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है।
भाषा पारुल नरेश
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