बातचीत से मतभेद सुलझ सकते हैं, प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा जल्द होने की उम्मीद: उच्चायुक्त

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बातचीत से मतभेद सुलझ सकते हैं, प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा जल्द होने की उम्मीद: उच्चायुक्त

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 01:45 PM IST

ढाका, 17 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि चुनौतियां लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और भारत तथा बांग्लादेश के बीच मतभेदों को केवल बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा ‘‘बहुत जल्द’’ होगी।

त्रिवेदी की यह टिप्पणी रविवार को ऐसे समय आई जब 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बांग्लादेश द्वारा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग किए जाने के बीच दोनों देशों के संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।

‘यूएनबी’ समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, ढाका में आयरलैंड के वाणिज्य दूत मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान द्वारा आयोजित रात्रिभोज में त्रिवेदी ने कहा कि बांग्लादेश और भारत दो संप्रभु देश हैं तथा दोनों केवल एक-दूसरे के साथ सीमा साझा नहीं करते, बल्कि ‘‘एक सपना भी साझा करते हैं।’’

त्रिवेदी ने कहा, ‘‘हमारे सामने चुनौतियां हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है। और अगर आपके सामने चुनौतियां नहीं हैं, तो वह लोकतंत्र नहीं है।’’ उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों के समाधान में बातचीत के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दों का समाधान केवल मिलकर बातचीत करने से ही हो सकता है और मैं बहुत आशावादी हूं।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा ‘‘बहुत जल्द’’ होगी।

त्रिवेदी की ये टिप्पणियां बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ए. के. एम. शाहिदुल करीम के उस बयान के कुछ घंटे बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के अधिकारी पिछले कई हफ्तों से रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर संपर्क में हैं, लेकिन यात्रा के लिए ‘‘अनुकूल माहौल’’ तैयार करने की जरूरत है।

त्रिवेदी ने रहमान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोनों को ‘‘जनता से जुड़े नेता’’ बताते हुए कहा कि जब दोनों नेता मिलेंगे और बातचीत करेंगे तो कोई भी मुद्दा अनसुलझा नहीं रहेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों संप्रभु देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है और दोनों को अपने-अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी जगह चाहिए। हमारे मतभेद हैं। हमारे अपने तर्क हैं। यह ठीक है… मेरा उद्देश्य भारत और बांग्लादेश के बीच एक स्वर्णिम दौर स्थापित करना है।’’

त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देशों का साझा लक्ष्य केवल भारत और बांग्लादेश के लोगों ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों की गरिमा और पारस्परिक सम्मान सुनिश्चित करना होना चाहिए।

रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा का मुद्दा हाल में दोनों देशों के संबंधों में आई गिरावट के कारण महत्वपूर्ण हो गया है। यह तनाव पांच अगस्त को नयी दिल्ली से शेख हसीना द्वारा डिजिटल माध्यम से किए गए मीडिया संवाद के बाद बढ़ा।

बांग्लादेश ने इस संवाददाता सम्मेलन पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि इससे उसके लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध सुधारने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हसीना से संबंधित इस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करता।

हसीना को अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले हिंसक प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटा दिया गया था और वह भारत आ गयी थीं। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान कथित ‘‘मानवता के खिलाफ अपराध’’ के मामले में उन्हें उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी।

इसके बाद से ढाका भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। वहीं, नयी दिल्ली का कहना है कि प्रत्यर्पण अनुरोध की लागू कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा की जा रही है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा