दुबई, 10 जनवरी (एपी) ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवा पर प्रतिबंध के बीच शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे और देश का बाकी दुनिया से संपर्क लगभग कटा हुआ है।
पाबंदियों के कारण वहां हो रहे प्रदर्शनों की सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है। लेकिन अमेरिका में स्थित समाचार एजेंसी ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स’ के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “ ईरान के बहादुर लोगों का अमेरिका समर्थन करता है।”
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अलग से चेतावनी देते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खेल मत खेलिये, जब वह कुछ कहते हैं तो कर गुजरते हैं।”
ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक वीडियो में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को दरकिनार करते हुए कहा कि अमेरिका के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। इस फुटेज में खामेनेई के समर्थक “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए दिखे।
सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” बताया। ईरान में हालिया कुछ वर्षों की तरह प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई किए जाने की आशंका बढ़ गई है।
खामेनेई (86) ने तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों से कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह उनकी (प्रदर्शनकारियों की) मदद के लिए आगे आएंगे। इसके बजाय उन्हें अपने खुद के देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए।”
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई कानूनी नरमी बरते बिना निर्णायक और अधिकतम सजा दी जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि सैनिक जमीन पर भेजे जाएंगे, बल्कि इसका मतलब होगा कि दुश्मन को बहुत जोरदार तरीके से वहीं चोट पहुंचाई जाएगी जहां सबसे ज्यादा असर हो।
ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहता हूं कि गोलियां चलाना शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुमने ऐसा किया तो हम भी (तुम्हारे खिलाफ) करेंगे।”
एसोसिएटेड प्रेस को मिले एक वीडियो में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में विरोध प्रदर्शन होते दिख रहे हैं और सड़कों पर हजारों लोग नजर आ रहे हैं।
इस दौरान एक व्यक्ति को खामेनेई मुर्दाबाद कहते हुए सुना गया है।
ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
अब उन्होंने लोगों से शनिवार और रविवार को भी सड़कों पर उतरने को कहा है और वे पुराने ईरानी झंडे को लहराने की अपील की है, जिस पर शेर और सूरज बना होता था। ईरान में शाह के शासन के दौरान इनका इस्तेमाल होता था।
कुछ प्रदर्शनों में लोग शाह के समर्थन में नारे भी लगा रहे हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि वे पहलवी का समर्थन कर रहे हैं या फिर 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले का दौर वापस लौटने की उम्मीद जता रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को तब शुरू हुए थे, जब ईरान की मुद्रा रियाल बुरी तरह निचले स्तर पर पहुंच गई थी और एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसकी कीमत 14 लाख से भी ज्यादा हो गई थी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है, जिनमें से कुछ प्रतिबंध उसके परमाणु कार्यक्रम की वजह से लगाए गए हैं।
एपी जोहेब नरेश
नरेश