आसमान छू रहे खाने-पीने के दाम, अब इस देश में 500 रुपए में बिकेगा 1 किलो चावल!

Sri Lanka Economic Crisis: आर्थिक संकट से जूझ इस देश को कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात हर रोज खराब होते जा रहे हैं।

आसमान छू रहे खाने-पीने के दाम, अब इस देश में 500 रुपए में बिकेगा 1 किलो चावल!

rice

Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: June 6, 2022 2:33 pm IST

Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका की आर्थिक स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है। आर्थिक संकट से जूझ इस देश को कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस देश में लोग काफी परेशानियों से जूझ रहे हैं। जैसे-तैसे जीवन गुजार रहे हैं। हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। खाने-पीने के सामानों की कीमतें यहां दिन-ब-दिन आसमान छू रही है।

Read more : गर्मी में भूखे रहकर 12 घंटे ट्रेन चलाएंगे लोको पायलट, चौंक जाएंगे वजह जानकर 

अब चर्चा है कि श्रीलंका में एक किलो चावल  500 रुपए तक बिक सकती है। अनुराधापुरा जिले के छोटे और मझोले मिल मालिकों का कहना है कि एक किलो चावल की कीमत बढ़कर 500 रुपए प्रति किलोग्राम हो सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक किलोग्राम वडापथु किस्म के चावल की कीमत प्रति किलोग्राम 200 रुपए है।

Read more : जेल की हवा खाएंगे इमरान खान! गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने किए कई सनसनीखेज खुलासे 

गेहूं की कीमतें भी अपने उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे अधिकांश दुकानदारों ने गेहूं मंगवाना और बेचना बंद कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि चावल के मुकाबले गेहूं की कीमतों में तेजी जारी रहने के कारण वे गेहूं मंगवाना और बेचना बंद कर दिया है जिससे उनकी दुकानें बंद होने के कगार पर हैं।

Read more :  पहले पति को जमकर पीटा, रस्सी से बांधा, फिर उसी के सामने गर्भवती पत्नी के साथ 5 लोगों ने किया गैंगरेप 

बताया जा रहा है कि श्रीलंका में मुद्रास्फीति का स्तर इस साल जनवरी से अब तक के सर्वकालिक उच्च रिकॉर्ड को छू रहा है, इसलिए वस्तुओं की कीमत बढ़ रही है। गेहूं और चावल जैसे खाद्य पदार्थ जो पहले आम लोग खरीद सकते थे, अब उसे खरीदना मुश्किल हो रहा है।

चिकित्सा आपूर्ति की भी कमी

Sri Lanka Economic Crisis: भारतीय उच्चायोग के अनुसार, श्रीलंका में चल रहे आर्थिक संकट के बीच चिकित्सा आपूर्ति की कमी भी बनी हुई है जिसे पूरा करने के लिए भारत ने रविवार को श्रीलंका के एक अस्पताल में आवश्यक दवाओं की खेप पहुंचाई। इससे पहले भारत की ओर से जाफना के मछुआरों को उनकी आजीविका गतिविधि को सुविधाजनक बनाने के लिए डीजल की आपूर्ति की गई थी।

 


लेखक के बारे में