Strait of Hormuz/ image source: swilkinsonbc X HANDLE
Strait Of Hormuz Ship Traffic: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास इन दिनों जहाजों की लंबी कतार लग गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां से गुजरने के लिए करीब 1000 जहाज इंतजार कर रहे हैं, जिनमें लगभग 200 ऑयल टैंकर भी शामिल हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का व्यापारिक कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गजरता है। ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखने को मिल रही है।
दरअसल खबर आ रही है कि,होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास इन दिनों जहाजों की लंबी कतार लग गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां से गुजरने के लिए करीब 1000 जहाज इंतजार कर रहे हैं, जिनमें लगभग 200 ऑयल टैंकर भी शामिल हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने करीब सात देशों से अपने युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि अभी तक किसी भी देश ने इस प्रस्ताव पर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है। ट्रंप ने उन देशों के नाम बताने से इनकार किया है, लेकिन बताया कि वे ऐसे देशों से बातचीत कर रहे हैं जो पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। इससे पहले ट्रंप चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से भी इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए गठबंधन में शामिल होने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है, क्योंकि अमेरिका के पास तेल के अपने स्रोत हैं, जबकि चीन को लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता है।
वहीं दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि कई देशों ने अपने जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए तेहरान से संपर्क किया है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला ईरान के सैन्य अधिकारी करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है, हालांकि किन देशों को यह अनुमति मिली है, इसकी जानकारी साझा नहीं की गई। ईरान का कहना है कि यह जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं। इसी बीच क्षेत्र में युद्ध का असर भी बढ़ता जा रहा है। इंटरनेशनल कमिटी फॉर रेड क्रॉस के अनुसार ईरान में अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैकड़ों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं इजराइल में ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 12 लोगों की जान गई है, जबकि लेबनान में हिजबुल्ला और इजराइल के बीच संघर्ष में 820 से अधिक लोगों की मौत और लाखों लोगों के विस्थापित होने की खबर है। सोमवार तड़के ईरान ने फिर इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे मध्य इजराइल और तेल अवीव क्षेत्र में कई जगह नुकसान की खबर सामने आई है।