सिख धर्म से संबंधित नहीं : ब्रिटेन के सांसदों ने ‘हथियार’ से हुई हत्या के मामले में फिर अपील की
सिख धर्म से संबंधित नहीं : ब्रिटेन के सांसदों ने ‘हथियार’ से हुई हत्या के मामले में फिर अपील की
(अदिति खन्ना)
लंदन, छह जून (भाषा) ब्रिटेन में एक सिख व्यक्ति की हत्या के मामले में हुई दोषसिद्धि को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। आरोपी ने युवक की हत्या में इस्तेमाल चाकू को धार्मिक आस्था से जुड़ा बताते हुए बचाव किया था। इस मामले को लेकर देश में तनाव बना हुआ है।
इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (डाउनिंग स्ट्रीट) और कई सांसदों समेत विभिन्न पक्षों ने शनिवार को एक बार फिर लोगों से अपील की।
जूरी ने विक्रम दिगवा (23) को 18-वर्षीय हेनरी नोवाक की चाकू मारकर हत्या करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जहां एक ओर ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के प्रवक्ता ने इस दोषसिद्धि के बाद “लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और सड़कों पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे लोगों” की निंदा की, वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश सिख सांसदों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस बात पर जोर दिया कि यह हत्या “सिख धर्म से संबंधित नहीं थी”।
डाउनिंग स्ट्रीट का हस्तक्षेप अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो को दोबारा पोस्ट करने के बाद आया। वीडियो में पुलिस के शरीर पर लगे कैमरे की फुटेज दिखाई गई थी, जिसमें पिछले दिसंबर में हुए हमले के दौरान पीड़ित को हथकड़ी लगाते हुए देखा गया। यह कार्रवाई डिगवा द्वारा लगाए गए नस्लवाद के आरोपों के संदर्भ में हुई थी और यह दृश्य पीड़ित के अंतिम क्षणों का हिस्सा था।
वेंस ने अपनी पोस्ट में इस हत्या के लिए “प्रवासियों की बड़े पैमाने पर आमद” को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि इनमें से कई लोग पश्चिमी देशों तथा उनके मूल्यों से घृणा करते हैं।
स्टॉर्मर के प्रवक्ता ने पोस्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘नोवाक परिवार हेनरी की भयावह हत्या के बाद शोक मना रहा है। उन्होंने कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की मौत को विभाजन, नफरत या तनाव पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जाए। हमें उनके अनुरोध का सम्मान करना चाहिए।’’
प्रवक्ता ने कहा, “हमारी राजनीति को सबसे भयावह परिस्थितियों में भी लोगों को एकजुट करना चाहिए। यही हमारे देश की पहचान है।”
सिख मूल के 11 ब्रिटिश सांसदों से मिलकर बने सर्वदलीय संसदीय समूह (एपीपीजी) ने “भयानक और संवेदनहीन अपराध” की निंदा करने और इस बात पर जोर देने के लिए दूसरी बार हस्तक्षेप किया कि हमले में कृपाण का इस्तेमाल नहीं किया गया।
सांसदों जस अथवाल, प्रीत कौर गिल, सतवीर कौर, तनमनजीत सिंह, बैगी शंकर, जीवन संधेर, सोनिया कुमार, हरप्रीत कौर उप्पल, वारिंदर जस, किरीथ एंटविस्टल और गुरिंदर सिंह जोसन द्वारा हस्ताक्षरित बयान में कहा गया है, “यह मामला सिख धर्म से संबंधित नहीं था, और इस्तेमाल किया गया हथियार कृपाण नहीं था।”
उन्होंने कहा, “जैसा कि अदालत ने पाया, यह एक आपत्तिजनक हथियार था। इसमें किसी भी प्रकार का धार्मिक संरक्षण या औचित्य लागू नहीं होता, और अपराधी को दोषी ठहराना और सजा देना उचित था… यह सिख धर्म का मामला नहीं था। यह एक ऐसे व्यक्ति का मामला था जो आपत्तिजनक हथियार लेकर क्रूर हत्या कर रहा था।”
भाषा
प्रशांत सुरेश
सुरेश

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